भिण्ड; दवा स्टॉक से लेकर कर्मचारियों की हाजिरी तक… कलेक्टर ने CMHO कार्यालय में खंगाली व्यवस्था Aajtak24 News

भिण्ड; दवा स्टॉक से लेकर कर्मचारियों की हाजिरी तक… कलेक्टर ने CMHO कार्यालय में खंगाली व्यवस्था Aajtak24 News

भिण्ड - संजीव श्रीवास्तव ने सोमवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्टाफ की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर अधिकारियों से जवाब तलब किया। कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने सबसे पहले कार्यालय में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति जांची। उन्होंने स्टाफ रजिस्टर का निरीक्षण कर कर्मचारियों की हाजिरी और उनके दैनिक कार्यों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कार्यालय में जरूरत से अधिक स्टाफ है, तो उन्हें ब्लॉक स्तर के अस्पतालों में भेजा जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके।

इसके बाद कलेक्टर ने दवा भंडार कक्ष का निरीक्षण किया और उपलब्ध दवाओं तथा स्टॉक रजिस्टर की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्टॉक में मौजूद दवाओं का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। जिले में लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट मामलों को लेकर भी कलेक्टर ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि एंटीरेबीज वैक्सीन की उपलब्धता सभी ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों तक सुनिश्चित की जाए। साथ ही डॉग बाइट से बचाव और उपचार को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को कुत्ता काटता है तो उसे तत्काल अस्पताल पहुंचकर इलाज कराना चाहिए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग गांव-गांव जागरूकता फैलाए ताकि लोग लापरवाही न बरतें। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि टीकाकरण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति देखी गई।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. अगर ग्रामीण अस्पतालों में स्टाफ की कमी पहले से थी, तो अब तक अतिरिक्त कर्मचारियों को CMHO कार्यालय में क्यों बैठाया गया था?
  2. जिले में डॉग बाइट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, क्या प्रशासन यह बताएगा कि कितने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अभी भी एंटीरेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है?
  3. दवा वितरण में पारदर्शिता की बात की जा रही है, लेकिन क्या पिछले वर्षों में एक्सपायरी या स्टॉक गड़बड़ी के मामलों की कोई जिम्मेदारी तय हुई है?

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