नीमच में बारूद गोदामों पर अचानक प्रशासनिक रेड: SDM ने सुरक्षा इंतजामों की खोली परतें Aajtak24 News

नीमच में बारूद गोदामों पर अचानक प्रशासनिक रेड: SDM ने सुरक्षा इंतजामों की खोली परतें Aajtak24 News

नीमच - जिले में विस्फोटक भंडारण स्थलों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर शुक्रवार को जावद एसडीएम सुश्री प्रीती संघवी ने पुलिस और राजस्व अधिकारियों के साथ सिंगोली क्षेत्र के विभिन्न मैगजीन और विस्फोटक गोदामों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं, रिकॉर्ड संधारण और अग्निशमन इंतजामों की गहन जांच की गई। एसडीएम प्रीती संघवी, एसडीओपी अमित राठौर, तहसीलदार प्रेम शंकर पटेल और नायब तहसीलदार बालकृष्ण मकवाना की टीम ने ग्राम फुसरिया, जराड़, सोलंकी खेड़ा, अथवा और खोलपुराबड़ी सहित कई स्थानों पर स्थित भंडारण केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विस्फोटक सामग्री के भंडारण की स्थिति, सुरक्षा मानकों के पालन और परिसर की निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया।

प्रशासनिक टीम ने गोदाम संचालकों को विस्फोटक अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे जनसुरक्षा से जुड़ा मामला है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था में कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता, आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारी और अभिलेखों के रखरखाव की भी जांच की गई। अधिकारियों ने लाइसेंस धारकों को निर्देशित किया कि वे सुरक्षा उपकरणों को हर समय क्रियाशील रखें और गोदामों की निगरानी व्यवस्था मजबूत करें।

एसडीएम प्रीती संघवी ने बताया कि जिला प्रशासन जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है और इसी उद्देश्य से विस्फोटक भंडारण स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में देश के कई हिस्सों में विस्फोटक गोदामों में हादसों के मामले सामने आने के बाद प्रशासन अब सुरक्षा मानकों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। ऐसे में नीमच जिले में की जा रही यह कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. क्या जिले के सभी विस्फोटक भंडारण केंद्रों में सुरक्षा मानकों का पालन वास्तव में नियमित रूप से होता है, या निरीक्षण के समय ही व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखाई जाती हैं?
  2. यदि किसी गोदाम में गंभीर सुरक्षा खामियां मिलती हैं, तो अब तक कितने लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए गए हैं?
  3. ग्रामीण आबादी के पास स्थित विस्फोटक गोदामों को लेकर क्या प्रशासन के पास कोई दीर्घकालिक सुरक्षा नीति या पुनर्स्थापन योजना है?

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