मंदसौर में ‘ड्रग्स नेटवर्क’ पर प्रशासन का शिकंजा: 3 मेडिकल दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड Aajtak24 News

मंदसौर में ‘ड्रग्स नेटवर्क’ पर प्रशासन का शिकंजा: 3 मेडिकल दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड Aajtak24 News

मंदसौर - जिले में नशीली दवाओं और नारकोटिक्स के बढ़ते खतरे को लेकर प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नारकोटिक्स नियंत्रण के लिए सभी विभागों को संयुक्त और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि लगातार निरीक्षण के दौरान 6 मेडिकल दुकानों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 3 फार्मासिस्ट दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं। सुशासन भवन स्थित सभागार में आयोजित इस बैठक में पुलिस, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, स्वास्थ्य, आबकारी, परिवहन, कृषि और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में नशीली दवाओं की रोकथाम, नियंत्रण और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।

कलेक्टर अदिति गर्ग ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिले की फार्मासिस्ट और केमिस्ट दुकानों की नियमित जांच जारी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नशीली दवाओं के अवैध कारोबार या नियमों के उल्लंघन पर किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में अंतरराज्यीय बसों में विशेष सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन का मानना है कि कई मामलों में मादक पदार्थों की तस्करी बसों और सार्वजनिक परिवहन के जरिए की जाती है, इसलिए परिवहन मार्गों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। शिक्षा विभाग को स्कूलों और कॉलेजों में नशे के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। विद्यार्थियों को एनडीपीएस एक्ट, नशीली दवाओं के दुष्प्रभाव और कानूनी परिणामों के बारे में जानकारी देने पर जोर दिया गया।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने माना कि नारकोटिक्स नियंत्रण केवल पुलिस कार्रवाई से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और सामाजिक स्तर पर संयुक्त प्रयास जरूरी हैं। इसी उद्देश्य से विभागों के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई की रणनीति तैयार की जा रही है। मंदसौर जैसे क्षेत्र, जहां पहले भी अवैध मादक पदार्थों और नशे के कारोबार को लेकर चर्चा होती रही है, वहां प्रशासन की यह सख्ती आगामी दिनों में और बड़े अभियान का संकेत मानी जा रही है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. 3 दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड हुए हैं, लेकिन क्या प्रशासन यह बताएगा कि इन दुकानों में आखिर किस प्रकार की अनियमितताएं मिलीं और क्या किसी पर आपराधिक मामला भी दर्ज हुआ है?
  2. नारकोटिक्स के खिलाफ बैठकों और अभियानों के बावजूद जिले में नशीली दवाओं की उपलब्धता क्यों लगातार बनी हुई है? क्या जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र कमजोर है?
  3. स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने की बात हो रही है, लेकिन क्या प्रशासन के पास यह आंकड़ा है कि जिले में युवाओं के बीच नशे की समस्या कितनी गंभीर हो चुकी है?

Post a Comment

Previous Post Next Post