| गौरेला-पेंड्रा; टीम भावना से ही तय होगा जिले का विकास” – GPM में कलेक्टर का सख्त संदेश Aajtak24 News |
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही - जिले के नवपदस्थ कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने अपने पहले साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जिले का विकास केवल समन्वय, अनुशासन और टीम भावना के साथ ही संभव है। बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी अधिकारी आपसी तालमेल के साथ कार्य करें, ताकि शासन की योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू हो सकें।
लंबित मामलों पर सख्त रुख
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि—
- 3 माह से पुराने कोई भी प्रकरण लंबित न रहें
- लंबित मामलों को टीएल सूची से तत्काल विलोपित किया जाए
- शिकायतों की जांच एक बार में पूरी कर निष्कर्ष निकाला जाए
- बार-बार जांच की प्रवृत्ति समाप्त की जाए
जनगणना 2027 पर फोकस
बैठक में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने जिले की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि—
- मकान सूचीकरण कार्य तीन दिनों में 100% पूरा किया जाए
- किसी भी क्षेत्र में डेटा अधूरा न रहे
सुशासन तिहार और जनसमस्याएं
कलेक्टर ने सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों को लेकर कहा कि—
- सभी आवेदनों की पोर्टल पर अनिवार्य एंट्री हो
- हर शिकायत का शीघ्र निराकरण किया जाए
- आवेदकों को समाधान की स्थिति की जानकारी दी जाए
विकास कार्यों पर सख्त निगरानी
बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए—
- निर्माण कार्य बरसात से पहले हर हाल में पूर्ण हों
- गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा
- पेयजल, आवास, शौचालय, स्वच्छता और पीएम जनमन योजनाओं में तेजी लाई जाए
राजस्व और कानून व्यवस्था पर भी नजर
कलेक्टर ने भूमि आवंटन, मुआवजा, खनिज, वन और आबकारी विभाग सहित कई विषयों की समीक्षा की। साथ ही कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- 3 महीने से पुराने प्रकरण खत्म करने के निर्देश तो दिए गए हैं, लेकिन अब तक ऐसे कितने मामले जिले में लंबित हैं और उनकी श्रेणीवार सूची क्या है?
- जनगणना 2027 का मकान सूचीकरण 100% पूरा करने के लक्ष्य में फील्ड स्तर पर त्रुटियों की जांच कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
- बार-बार जांच की बजाय “एक बार में निपटान” नीति लागू करने के बाद गलत निर्णय या शिकायत सुधार की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होगी?