| GPM: पीएम आवास निर्माण में देरी पर कलेक्टर सख्त; 15 जून तक हर हाल में पूरे करें घर Aajtak24 News |
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही - जिले के बेघर परिवारों को जल्द से जल्द उनके सपनों का घर दिलाने के लिए जिला प्रशासन अब 'एक्शन मोड' में है। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की जनपदवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले यानी 15 जून तक निर्माणाधीन सभी आवासों का कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए।
तकनीकी सहायकों को लक्ष्य, लापरवाही पर बर्खास्तगी
कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने आवास निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने तकनीकी सहायकों को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य में तेजी लाएं। कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को मैदानी भ्रमण बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि जो 'आवास मित्र' अपने कार्यों में लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाए।
संध्या चौपाल से सुलझेंगी बाधाएं
निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए कलेक्टर ने एक नई रणनीति अपनाने को कहा है। अब गांवों में 'संध्या चौपाल' लगाई जाएगी, जिसमें सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और ग्रामीण एक साथ बैठेंगे। इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य अप्रारंभ आवासों को शुरू करवाना और निर्माणाधीन मकानों की बाधाओं को दूर करना होगा।
जिले में आवासों की स्थिति: एक नजर में
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, जिले में आवास निर्माण की स्थिति इस प्रकार है:
कुल स्वीकृत आवास (2024-26): 28,844
पूर्ण हो चुके आवास: 17,425
निर्माणाधीन आवास: 5,056
अभी तक अप्रारंभ आवास: 6,363
कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा कि जिन हितग्राहियों को पहली किस्त जारी हो चुकी है, उनके मकान हर हाल में बनने चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को हितग्राहियों से निरंतर संपर्क बनाए रखने को कहा गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, मरवाही सीईओ विनय सागर, पेण्ड्रा सीईओ जय शंकर चौहान और गौरेला सीईओ ज्ञानदर राम भगत सहित सभी विकासखंड समन्वयक उपस्थित रहे।