| MCB के विकास का 'विजन-2031': DMF से बदलेगी जिले की तस्वीर; 5 वर्षीय मास्टर प्लान में शिक्षा Aajtak24 News |
मनेंद्रगढ़/चिरमिरी - एमसीबी जिले के भविष्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट तैयार किया है। कलेक्टर श्री डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की उच्चस्तरीय बैठक में अगले पांच वर्षों के लिए विकास की ऐसी कार्ययोजना पेश की गई, जो न केवल अधोसंरचना को मजबूत करेगी, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन स्तर में भी व्यापक सुधार लाएगी।
DMF निधि: सिर्फ योजना नहीं, आत्मनिर्भरता का आधार
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि डीएमएफ की राशि का उपयोग केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य खनिज प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के ऐसे अवसर प्रदान करना है जो उन्हें आत्मनिर्भर बना सकें। इस योजना के केंद्र में किसान, युवा, महिलाएं और दिव्यांगजन हैं।
खेती-किसानी में तकनीक का प्रवेश
उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के माध्यम से जिले में 'सफेद और हरी क्रांति' लाने की तैयारी है।
नवाचार: किसानों को ड्रिप सिंचाई, सूक्ष्म सिंचाई (Micro Irrigation) और कृषि यंत्रीकरण से जोड़ा जाएगा।
सुविधाएं: पावर वीडर, बैटरी स्प्रेयर और ग्राफ्टेड किट जैसे आधुनिक उपकरणों के माध्यम से सब्जी उत्पादन और बागवानी को लाभ का धंधा बनाने पर जोर दिया गया है। इससे किसानों की आय में सीधे तौर पर वृद्धि होगी।
पशुपालन और ग्रामीण आर्थिकी
पशुपालन विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में सिरौली, नई लेदरी, देवाडांड और नागपुर जैसे इलाकों में नए पशु औषधालयों के निर्माण का प्रस्ताव रखा है। इससे पशुपालकों को उनके घर के पास ही चिकित्सा सुविधा मिलेगी, जिससे दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
युवाओं को मिलेगा 'फ्यूचरिस्टिक' कौशल
बदलते दौर के साथ युवाओं को जोड़ने के लिए जिला कौशल विकास प्राधिकरण ने नए और आधुनिक ट्रेड्स शामिल किए हैं:
ड्रोन फिल्म मेकिंग और सीसीटीवी इंस्टॉलेशन।
सोलर पैनल इंस्टॉलेशन और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) असेंबली।
एसी फील्ड टेक्निशियन। ये ऐसे कोर्स हैं जो युवाओं को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और बड़ी कंपनियों में तकनीकी दक्षता के साथ रोजगार दिलाने में सहायक होंगे।
स्वास्थ्य और शिक्षा: हर गांव तक पहुंच
शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल बोर्ड, आधुनिक प्रयोगशालाएं और पुस्तकालयों का जाल बिछाया जाएगा। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मानवीय बनाने के लिए बाइक एम्बुलेंस सुविधा और डिजिटल हेल्थ कार्ड पर ध्यान केंद्रित किया गया है। मातृ-शिशु स्वास्थ्य और आयुष केंद्रों का उन्नयन जिले की स्वास्थ्य रैंकिंग को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
पर्यटन और सामाजिक न्याय
एमसीबी जिले की प्राकृतिक सुंदरता को आर्थिक शक्ति में बदलने के लिए अमृतधारा, रमदहा जलप्रपात और सिद्ध बाबा मंदिर जैसे पर्यटन स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा। साथ ही, समाज कल्याण विभाग के माध्यम से तृतीय लिंग समुदाय के लिए 'गरिमा गृह' और दिव्यांगों के लिए आधुनिक सहायक उपकरणों की योजना बनाई गई है, जो सामाजिक समावेश (Social Inclusion) का बड़ा उदाहरण है।
कलेक्टर के सख्त निर्देश: पारदर्शिता और गुणवत्ता
बैठक के अंत में कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने सभी विभागीय अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं की स्वीकृति के बाद उनका क्रियान्वयन समयबद्ध और पारदर्शी होना चाहिए। डीएमएफ निधि का एक-एक रुपया जवाबदेही के साथ खर्च हो और 'सुशासन तिहार' के माध्यम से जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।