खदान में गिरने से महिला की दर्दनाक मौत, अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर भी पलटा Aajtak24 News

खदान में गिरने से महिला की दर्दनाक मौत, अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर भी पलटा Aajtak24 News

रीवा - रीवा जिले के बैजनाथपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नौबस्ता गांव में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक गहरी खदान में गिरने से 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि इसी दौरान एक ट्रैक्टर भी अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना ने क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध उत्खनन के काले कारोबार और प्रशासनिक अनदेखी की पोल खोल दी है।

गहरी खदान में गिरने से गई जान

मृतक महिला की पहचान सुमित्रा केवट (35) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब महिला खदान क्षेत्र के पास थी। अचानक पैर फिसलने या अन्य कारणों से वह सीधे गहरी खदान में जा गिरी। घटना के वक्त परिवार के अन्य सदस्य भी वहीं मौजूद थे, जिन्होंने चीख-पुकार मचाई, लेकिन तब तक सुमित्रा की जान जा चुकी थी। इसी अफरा-तफरी के बीच मौके पर मौजूद एक ट्रैक्टर भी पलट गया, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।

अवैध खनन बना 'डेथ ट्रैप'

स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनिज विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि:

  • बैजनाथपुर और नौबस्ता क्षेत्र में पिछले कई महीनों से पत्थरों का अवैध उत्खनन और परिवहन धड़ल्ले से जारी है।

  • अवैध खुदाई के कारण जगह-जगह गहरे और खतरनाक गड्ढे हो गए हैं, जो अब जानलेवा साबित हो रहे हैं।

  • कई बार शिकायतों के बावजूद पुलिस और प्रशासन ने खनन माफियाओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

पुलिस का पक्ष और कार्यवाही

घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी घनश्याम मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि प्राथमिक तौर पर मामला खदान में गिरने का है, लेकिन पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। अवैध खनन की शिकायतों पर भी संज्ञान लिया गया है और दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

प्रशासन से त्वरित रोक की मांग

हादसे के बाद गांव में तनाव और मातम का माहौल है। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि क्षेत्र में अवैध खनन पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यह 'हादसा' नहीं बल्कि 'प्रशासनिक हत्या' है, क्योंकि समय रहते अवैध खदानों को बंद नहीं किया गया।




Post a Comment

Previous Post Next Post