नर्मदापुरम; खनिज माफियाओं पर जिला प्रशासन का शिकंजा, मिट्टी और गिट्टी से भरे 2 डम्पर जब्त Aajtak24 News

नर्मदापुरम; खनिज माफियाओं पर जिला प्रशासन का शिकंजा, मिट्टी और गिट्टी से भरे 2 डम्पर जब्त Aajtak24 News

नर्मदापुरम - कलेक्टर के निर्देश पर जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई लगातार जारी है। रेत, मिट्टी और अन्य गौण खनिजों के अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग और बिना ढके परिवहन करने वाले वाहनों पर जिला प्रशासन और खनिज विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में खनिज विभाग की टीम ने औद्योगिक क्षेत्र मोहासा, तहसील माखननगर में कार्रवाई करते हुए एक डम्पर क्रमांक MP66H1520 को अवैध मिट्टी उत्खनन और भंडारण में लिप्त पाए जाने पर जब्त किया। वाहन को कार्रवाई के बाद पुलिस थाना माखननगर की अभिरक्षा में खड़ा कराया गया है।

वहीं दूसरी कार्रवाई में ग्राम सहेली, तहसील इटारसी क्षेत्र से डम्पर क्रमांक RJ17GB0670 को गिट्टी का ओवरलोड परिवहन करते हुए पकड़ा गया। खनिज विभाग ने वाहन को जब्त कर पुलिस थाना केसला की अभिरक्षा में सुरक्षित खड़ा कराया है। प्रशासन द्वारा रेत परिवहन करने वाले वाहनों की भी लगातार जांच की जा रही है। अधिकारियों ने वाहन चालकों को निर्देश दिए हैं कि रेत का परिवहन पूरी तरह ढककर किया जाए और निर्धारित गति सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं और पर्यावरणीय नुकसान को रोका जा सके।

खनिज विभाग के अनुसार जब्त किए गए दोनों वाहनों के खिलाफ मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। हालांकि, जिले में लगातार हो रही कार्रवाई के बावजूद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि अवैध खनिज परिवहन का नेटवर्क अब तक पूरी तरह खत्म क्यों नहीं हो पाया और बड़े स्तर पर काम करने वाले नेटवर्क तक प्रशासन कब पहुंचेगा।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब लगातार कार्रवाई की जा रही है, तो फिर अवैध उत्खनन और ओवरलोड परिवहन का नेटवर्क जिले में सक्रिय कैसे बना हुआ है?
  2. क्या प्रशासन यह बताएगा कि पिछले छह महीनों में जब्त किए गए वाहनों में से कितनों पर स्थायी कानूनी कार्रवाई हुई और कितने वाहन दोबारा सड़कों पर लौट आए?
  3. रेत और खनिज परिवहन में ओवरलोडिंग लंबे समय से सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई है, तो परिवहन विभाग और खनिज विभाग की संयुक्त निगरानी अब तक कितनी प्रभावी रही?

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