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| भिण्ड; CM हेल्पलाइन में ‘खोखला जवाब नहीं चलेगा’! कलेक्टर ने अफसरों को लगाई कड़ी फटकार Aajtak24 News |
भिण्ड - भिण्ड में राजस्व व्यवस्था को दुरुस्त करने और जन शिकायतों के समयबद्ध समाधान को लेकर कलेक्टर की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक कामकाज की धीमी प्रगति और लंबित मामलों पर नाराजगी भी देखने को मिली। भिण्ड के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में अपर कलेक्टर, एसडीएम गोहद, अटेर, भिण्ड, मेहगांव सहित डिप्टी कलेक्टर और अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का केवल औपचारिक जवाब नहीं, बल्कि “सही और संतुष्टिकारक” समाधान दर्ज किया जाए, ताकि शिकायतकर्ता वास्तव में संतुष्ट हों। कलेक्टर ने कहा कि 50 दिन और 100 दिन से अधिक लंबित शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निपटाया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही या अधूरी कार्यवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के लंबित प्रकरणों को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यह समय काम को गति देने का है, न कि उसे लटकाने का। इसके साथ ही शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री पूरा करने पर जोर दिया गया और सभी अधिकारियों को तय समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने शासकीय भूमि और चरनोई जमीनों से अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए, ताकि सार्वजनिक भूमि सुरक्षित रह सके और ग्रामीण विकास कार्यों में बाधा न आए।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- CM हेल्पलाइन में “संतुष्टिकारक जवाब” की बात कही जा रही है, लेकिन क्या जमीनी समाधान के बजाय केवल जवाब सुधारने पर जोर नहीं दिया जा रहा?
- 50–100 दिन से लंबित शिकायतें बताती हैं कि सिस्टम में देरी पहले से चल रही है, तो इसके लिए जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जा रही?
- नामांतरण और सीमांकन जैसे बुनियादी राजस्व काम इतने समय से लंबित क्यों हैं, क्या यह प्रशासनिक क्षमता की कमी को नहीं दर्शाता?
