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| उमरिया; उर्स से पहले सख्ती: कलेक्टर ने मैदान में उतरकर परखी तैयारियाँ Aajtak24 News |
उमरिया - आगामी 15, 16 एवं 17 मई को चंदिया में आयोजित होने वाले हजरत नौगजा शाहदाता रहमतुल्ला अलैह उर्स की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय की अध्यक्षता में नगर परिषद चंदिया में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में यातायात, पार्किंग, पेयजल, बिजली, चिकित्सा व्यवस्था, सुरक्षा, बैरिकेटिंग और श्रद्धालुओं की आवाजाही सहित सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग अपने दायित्वों का समय से पूर्व पालन सुनिश्चित करें।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
- मेला स्थल पर 4 वॉच टॉवर से निगरानी
- सीसीटीवी कैमरों से पूरे क्षेत्र की सतत मॉनिटरिंग
- भीड़ नियंत्रण हेतु वालंटियर तैनाती
- नदी किनारे बैरिकेटिंग अनिवार्य
झूले और भीड़ नियंत्रण पर सख्ती
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि झूले लगाने से पहले तकनीकी जांच अनिवार्य होगी तथा
पीडब्ल्यूडी और एमपीईबी की अनुमति के बिना कोई संचालन नहीं होगा।
आपातकालीन व्यवस्था
- एंबुलेंस व डॉक्टरों की तैनाती
- फायर ब्रिगेड की 3 यूनिट तैयार
- पेयजल की शुद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक के बाद कलेक्टर ने स्वयं मेला स्थल का निरीक्षण किया और पार्किंग, मंच, प्रवेश-निकास एवं पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या इस बार उर्स में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगी या वास्तविक जमीन पर “जिम्मेदारी तय” करके सख्त कार्रवाई भी होगी?
- पिछले आयोजनों में अव्यवस्था या हादसों की शिकायतें सामने आई थीं—तो इस बार ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं की गई कि “पहले से ही जीरो रिस्क मॉडल” लागू हो सके?
- झूलों की तकनीकी जांच और एनओसी को लेकर सख्ती की बात हो रही है, लेकिन अगर किसी तरह की चूक होती है तो क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई तय की जाएगी या फिर परंपरागत जांच तक मामला सीमित रहेगा?
