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| कबीरधाम; लखपति’ नहीं… अब ‘करोड़पति दीदी’ बनो: आम के पेड़ तले CM की बात ने बदल दिए वनांचल की महिलाओं के सपने Aajtak24 News |
कबीरधाम - जिले के घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसे ग्राम पंचायत लोखान के कमराखोल में सुशासन तिहार के दौरान ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सरकारी योजनाओं की सफलता को सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि उसे लोगों की जिंदगी से जोड़ दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जब अचानक वनांचल के इस दूरस्थ गांव पहुंचे, तो वहां मौजूद महिलाओं के लिए यह किसी बड़े सम्मान और भरोसे का क्षण बन गया।
एक पुराने विशाल आम के पेड़ की छांव में चौपाल सजी। मुख्यमंत्री ग्रामीण महिलाओं के बीच जमीन पर बैठकर उनसे आत्मीय बातचीत करते नजर आए। महिलाओं ने खुलकर अपने संघर्ष, गरीबी, जिम्मेदारियों और आत्मनिर्भर बनने तक के सफर की कहानियां साझा कीं। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली ये महिलाएं आज स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर गांव की नई आर्थिक ताकत बन चुकी हैं।
जब मुख्यमंत्री को बताया गया कि बिहान योजना से जुड़कर कई महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा—
“अब यहीं मत रुकिए… बड़ा सोचिए। अब आपको करोड़पति दीदी बनने का सपना देखना है।”
मुख्यमंत्री के इस संवाद ने महिलाओं में नया आत्मविश्वास भर दिया। ग्राम कुकदूर की श्रीमती कचरा तेलगाम ने अपनी संघर्ष कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि बिहान योजना से मिले दो लाख रुपये के ऋण से उन्होंने शटरिंग प्लेट खरीदकर व्यवसाय शुरू किया। शुरुआत कठिन थी, लेकिन मेहनत और लगन ने उनकी जिंदगी बदल दी। आज उनके पास लगभग 1700 वर्गफुट शटरिंग सामग्री है और वे 22 से अधिक मकानों के निर्माण कार्य में सहयोग कर चुकी हैं। इस व्यवसाय से उन्हें सालाना ढाई से तीन लाख रुपये तक की आय हो रही है।
कचरा तेलगाम ने कहा कि पहले वे केवल घर की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, लेकिन अब परिवार की आर्थिक ताकत बन चुकी हैं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घर की जरूरतों और बचत तक की जिम्मेदारी अब वे आत्मविश्वास के साथ निभा रही हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस अपनत्व से बात की, उससे लगा कि उनकी मेहनत को सच में पहचान मिली है।
सुशासन तिहार की यह चौपाल सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह वनांचल की महिलाओं के भीतर जागे नए आत्मविश्वास और बड़े सपनों का प्रतीक बन गई। सरकार की योजनाओं से जुड़ी महिलाएं अब गांवों में बदलाव की नई धुरी बनती दिखाई दे रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, क्योंकि जब महिलाएं आत्मनिर्भर होती हैं तो पूरा परिवार और समाज मजबूत होता है। वनांचल में आम की छांव तले हुई यह चौपाल अब “लखपति दीदी” से “करोड़पति दीदी” बनने की नई उम्मीद का संदेश गांव-गांव तक पहुंचा रही है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- सरकार “लखपति दीदी” और “करोड़पति दीदी” की बात कर रही है, लेकिन क्या राज्य के सभी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बाजार, प्रशिक्षण और स्थायी आय के पर्याप्त अवसर वास्तव में मिल पा रहे हैं?
- बिहान योजना से सफल महिलाओं की कहानियां सामने लाई जाती हैं, लेकिन कितने समूह ऐसे हैं जो ऋण लेने के बाद कारोबार नहीं चला पाए या कर्ज के दबाव में हैं?
- वनांचल क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की बात हो रही है, लेकिन वहां सड़क, इंटरनेट, परिवहन और बाजार जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी दूर करने के लिए सरकार की ठोस समयबद्ध योजना क्या है?
