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| सूरजपुर से निकलेंगे भविष्य के स्टार खिलाड़ी! 21 दिन तक मैदान में तपेगी युवा प्रतिभाएं Aajtak24 News |
सूरजपुर - छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में खेल प्रतिभाओं को नई उड़ान देने के लिए 21 दिवसीय जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 2026 का भव्य आगाज 08 मई से होने जा रहा है। जिला प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में जिले के 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं को विभिन्न खेल विधाओं में निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह शिविर 28 मई 2026 तक संचालित होगा। जिला प्रशासन का उद्देश्य गांव-गांव में छिपी खेल प्रतिभाओं को मंच देना और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए मजबूत आधार तैयार करना है। इसी को लेकर कलेक्टर के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर रमेश कुमार मोर की अध्यक्षता में तैयारी बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों ने भाग लेकर शिविर को सफल बनाने की रणनीति तैयार की।
इस प्रशिक्षण शिविर में वॉलीबॉल, कबड्डी, खो-खो, फुटबॉल, ताइक्वांडो, वुशू, कराटे, बैडमिंटन, एथलेटिक्स और स्विमिंग जैसी 10 खेल विधाओं का प्रशिक्षण अनुभवी कोचों और व्यायाम शिक्षकों के मार्गदर्शन में दिया जाएगा। खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ फिटनेस, अनुशासन और प्रतियोगी खेल भावना से भी अवगत कराया जाएगा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने बताया कि इच्छुक प्रतिभागियों को 08 मई तक अपना पंजीयन कराना होगा। इसके लिए खेल कार्यालय सूरजपुर या संबंधित खेल कोच से संपर्क किया जा सकता है। पंजीयन के लिए पासपोर्ट साइज फोटो और आधार कार्ड की छायाप्रति अनिवार्य रखी गई है।
शिविर के समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही सभी खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को मोबाइल और स्क्रीन की दुनिया से निकालकर खेल मैदान तक पहुंचाएं, ताकि उनकी प्रतिभा को सही दिशा मिल सके। यह प्रशिक्षण शिविर सिर्फ खेल गतिविधि नहीं, बल्कि जिले में खेल संस्कृति विकसित करने और भविष्य के खिलाड़ियों को तैयार करने की बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- हर साल खेल शिविर आयोजित किए जाते हैं, लेकिन अब तक सूरजपुर जिले से कितने खिलाड़ी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं और उनके लिए आगे क्या ठोस व्यवस्था की गई?
- ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदान, उपकरण और प्रशिक्षकों की भारी कमी की शिकायतें रहती हैं, तो क्या यह शिविर सिर्फ 21 दिन का आयोजन बनकर रह जाएगा या स्थायी खेल ढांचा भी तैयार होगा?
- प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के बाद आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति और प्रतियोगिताओं में भागीदारी दिलाने के लिए जिला प्रशासन की क्या स्पष्ट योजना है?
