रीवा में जिला पंचायत CEO का औचक निरीक्षण, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस के निर्देश Aajtak24 News

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रीवा - रीवा में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने ग्राम पंचायत बेलवा पैकान और तिवनी का निरीक्षण कर विकास कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कई निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीईओ ने ग्राम तिवनी में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन का अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द कार्य पूरा करने को कहा। इसके साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत तालाबों के कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने संबंधित अमले को निर्देश दिए कि जल संरक्षण से जुड़े कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किए जाएं।

ग्राम पंचायत बेलवा पैकान में आंगनवाड़ी भवन के निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन रूफ टॉप हार्वेस्टिंग कार्य की गुणवत्ता की जांच की गई। सीईओ ने निर्माण सामग्री का परीक्षण करते हुए संबंधित उपयंत्री को दो दिन के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र में पंजी संधारित नहीं पाए जाने पर सीईओ ने नाराजगी जताई। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी को संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा सरपंच और सचिव को आंगनवाड़ी परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर ने जनपद पंचायत गंगेव के सीईओ को निर्देशित किया कि दो दिन बाद पुनः निरीक्षण कर सभी कार्यों की प्रगति और दिए गए निर्देशों के पालन की रिपोर्ट जिला पंचायत को भेजी जाए।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. निरीक्षण में पंजी संधारित न होने और अधूरे निर्माण कार्य सामने आए हैं। सवाल यह है कि संबंधित विभागों की नियमित मॉनिटरिंग पहले क्यों नहीं हुई और लापरवाही इतने समय तक कैसे चलती रही?
  2. जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तालाबों और रूफ टॉप हार्वेस्टिंग जैसे कार्यों पर खर्च हो रहा है, लेकिन क्या प्रशासन के पास इन योजनाओं के वास्तविक प्रभाव और उपयोगिता का कोई स्वतंत्र मूल्यांकन है?
  3. दो दिन में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन क्या जल्दबाजी में काम पूरा कराने के दबाव से गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा नहीं बढ़ेगा? यदि गुणवत्ता खराब मिली तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?

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