अशोकनगर; जल संकट और खाद किल्लत पर प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने जारी किए सख्त निर्देश

अशोकनगर; जल संकट और खाद किल्लत पर प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने जारी किए सख्त निर्देश

अशोकनगर - जिले में पेयजल संकट और खाद वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर साकेत मालवीय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गर्मी के मौसम में किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए परेशान नहीं होना चाहिए और किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाना चाहिए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने पेयजल आपूर्ति और खाद वितरण की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था, संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों, हैंडपंपों की स्थिति तथा नल-जल योजनाओं के संचालन पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जलापूर्ति व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी पेयजल संकट की सूचना मिले, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

बंद न रहें नल-जल योजनाएं

बैठक में कलेक्टर ने जिले में संचालित नल-जल योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि कोई भी योजना संसाधनों या तकनीकी कारणों से बंद नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए ताकि जल प्रदाय प्रभावित न हो। इसके साथ ही सार्वजनिक हैंडपंपों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सुधार योग्य हैंडपंपों का तत्काल मरम्मत कार्य कराने तथा हैंडपंपों पर किए गए अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए। पेयजल संबंधी शिकायतों और सीएम हेल्पलाइन में दर्ज मामलों के त्वरित निराकरण पर भी जोर दिया गया।

खाद वितरण पर रहेगी कड़ी नजर

कृषि सीजन को देखते हुए बैठक में खाद वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर साकेत मालवीय ने निर्देश दिए कि किसानों को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी केंद्र पर खाद की कमी की स्थिति न बने। उन्होंने अधिकारियों को ई-विकास पोर्टल पर खाद के उपलब्ध स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए, ताकि किसानों और प्रशासन दोनों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलती रहे।

खाद वितरण के लिए बनेगा कंट्रोल रूम

कलेक्टर ने एसडीएम और कृषि विभाग के अधिकारियों को खाद वितरण की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही सहकारी समितियों, डबल लॉक केंद्रों, एमपी एग्रो तथा निजी विक्रेताओं के पास पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। प्रशासन का मानना है कि खरीफ सीजन से पहले खाद की पर्याप्त उपलब्धता और पारदर्शी वितरण व्यवस्था किसानों की समस्याओं को काफी हद तक कम कर सकती है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पेयजल और खाद वितरण से जुड़े सभी मामलों की नियमित समीक्षा की जाए तथा आमजन और किसानों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. हर वर्ष गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की स्थिति सामने आती है। यदि संभावित संकट वाले क्षेत्रों की जानकारी पहले से होती है तो स्थायी समाधान अब तक क्यों नहीं हो पाया?

2. ई-विकास पोर्टल पर खाद स्टॉक अपडेट रखने के निर्देश दिए गए हैं। क्या प्रशासन यह बता सकता है कि वर्तमान में कितने खाद केंद्र नियमित रूप से वास्तविक स्टॉक की जानकारी अपडेट नहीं कर रहे हैं?

3. खाद वितरण के लिए कंट्रोल रूम बनाने की घोषणा की गई है। यदि किसी किसान को निर्धारित केंद्र पर खाद नहीं मिलती या कालाबाजारी की शिकायत होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी?

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