गुना; सड़क पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं, प्रशासन ने बनाई सख्त कार्ययोजना Aajtak24 News

गुना; सड़क पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं, प्रशासन ने बनाई सख्त कार्ययोजना Aajtak24 News

गुना - जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सड़क सुरक्षा, अतिक्रमण हटाने, हाईवे निगरानी और दुर्घटना रोकथाम के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। जिला कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष में आयोजित वर्चुअल बैठक में पुलिस अधीक्षक हितिका वासल, संयुक्त कलेक्टर डॉ. संजीव खेमरिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत जय स्तंभ चौराहे से भुल्लनपुरा तिराहे तक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के दोनों ओर सड़क मरम्मत और सुरक्षा बैरियर लगाने के कार्यों की समीक्षा से हुई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

राष्ट्रीय राजमार्गों से हटेगा अतिक्रमण

बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों और पुलिस विभाग के संयुक्त अभियान के माध्यम से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने कहा कि जहां-जहां अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है, वहां की जानकारी पुलिस विभाग को पहले से उपलब्ध कराई जाए ताकि पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की जा सके।

हाईवे पर मवेशियों से होने वाले हादसों पर भी फोकस

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा मवेशियों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को भदौरा क्षेत्र के पास गौशाला निर्माण के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही हाईवे पर नियमित निगरानी के लिए काउ कैचर दल की सक्रिय गश्त सुनिश्चित करने को कहा गया, जिससे मवेशियों को सड़क पर आने से रोका जा सके।

60 दिन में हटेंगे आरओडब्ल्यू क्षेत्र के अतिक्रमण

बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्मित आरओडब्ल्यू (राइट ऑफ वे) क्षेत्र में किए गए अतिक्रमणों को 60 दिनों के भीतर हटाया जाएगा। इसके अलावा जिन क्षेत्रों से राष्ट्रीय और राज्य मार्ग गुजरते हैं, वहां 15 दिन के भीतर जिला हाईवे सुरक्षा टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश भी दिए गए।

हर 50 किलोमीटर पर बनेगी निगरानी टीम

सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए राज्य निगरानी दल (Dedicated Highway Surveillance Team) के गठन पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पुलिस और परिवहन विभाग के कर्मचारियों को शामिल करते हुए 30 दिनों के भीतर प्रत्येक 50 किलोमीटर पर एक निगरानी दल गठित किया जाए। ये टीमें सड़क सुरक्षा नियमों के पालन, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की निगरानी और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने का कार्य करेंगी। बैठक में सड़क किनारे पौधारोपण, सुरक्षा संकेतक, सड़क मरम्मत और अन्य सुरक्षा उपायों पर भी चर्चा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने के लिए 60 दिन की समयसीमा तय की गई है, लेकिन वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमणों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी?

2. हाईवे पर आवारा मवेशियों के कारण लगातार दुर्घटनाएं होती रही हैं। अब तक हुई दुर्घटनाओं के लिए किस विभाग की जवाबदेही तय की गई है और क्या किसी अधिकारी पर कार्रवाई हुई है?

3. हर 50 किलोमीटर पर निगरानी दल बनाने की बात हो रही है, लेकिन क्या इन टीमों के लिए पर्याप्त संसाधन, वाहन और मानवबल उपलब्ध हैं या यह योजना भी कागजों तक सीमित रह जाएगी?

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