झाबुआ में अवैध खनन पर प्रशासन की सर्जिकल स्ट्राइक, माफियाओं के खिलाफ सख्त चेतावनी

झाबुआ में अवैध खनन पर प्रशासन की सर्जिकल स्ट्राइक, माफियाओं के खिलाफ सख्त चेतावनी

झाबुआ - जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय खनिज टॉस्क फोर्स की बैठक में अवैध खनिज गतिविधियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को प्रभावी और निरंतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार सहित राजस्व, खनिज, परिवहन और पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े कुल 124 प्रकरण दर्ज किए गए थे। इनमें से 122 मामलों का निराकरण किया जा चुका है तथा इन कार्रवाइयों के माध्यम से शासन को 2.35 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।

इस वर्ष भी जारी है कार्रवाई

बैठक में जानकारी दी गई कि चालू वर्ष में अब तक अवैध खनिज गतिविधियों से संबंधित 15 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 10 मामलों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि शेष प्रकरणों पर कार्रवाई जारी है।

कलेक्टर डॉ. भरसट ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व वसूली के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए और अवैध खनन के विरुद्ध अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

बिना नंबर प्लेट वाहनों पर विशेष अभियान

अवैध खनिज परिवहन में उपयोग होने वाले वाहनों पर नियंत्रण के लिए कलेक्टर ने बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहन अक्सर अवैध गतिविधियों में उपयोग किए जाते हैं, इसलिए उनकी पहचान कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर इसके ठोस परिणाम दिखाई देने चाहिए।

संयुक्त कार्रवाई पर जोर

बैठक में कलेक्टर ने राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और खनिज विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि संयुक्त कार्रवाई से अवैध उत्खनन और परिवहन पर अधिक प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।

प्रशासन का उद्देश्य केवल राजस्व वसूली नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना भी है। इसी उद्देश्य से जिले में लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।

बैठक में अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी, सहायक कलेक्टर आयुषी बंसल, एसडीएम महेश मंडलोई, जिला परिवहन अधिकारी कृतिका मोहटा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. पिछले वर्ष 124 प्रकरण दर्ज होने का मतलब है कि जिले में अवैध खनन बड़े पैमाने पर हो रहा था। ऐसे में वर्षों तक यह गतिविधियां प्रशासन की नजर से कैसे बचती रहीं?

2. 2.35 करोड़ रुपये की वसूली के बावजूद अवैध उत्खनन पूरी तरह नहीं रुका। क्या प्रशासन के पास ऐसे संगठित नेटवर्क या बड़े खनिज माफियाओं की पहचान है जिन पर कठोर कार्रवाई की गई हो?

3. बिना नंबर प्लेट वाहनों पर विशेष अभियान की बात कही गई है, लेकिन अब तक ऐसे कितने वाहन जब्त किए गए हैं और उनके मालिकों के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?

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