करीब 20 कॉलोनियों के रहवासियों को गंदगी से निजात नहीं दिला पा रहे नगर निगम अधिकारी |
इंदौर। स्वच्छता में 8 वर्ष से इंदौर नंबर-1 है, लेकिन यहां के यहां एमआर-9 को एमआर-10 से जोड़ने वाली लिंक रोड जरा सी बारिश में गंदगी का तालाब बन जाती है। वर्तमान में भी यही हालत है कि 8 दिनों से भी अधिक हो चुके हैं इस रोड के एक हिस्से पर ड्रेनेज का तालाब भरा हुआ है। नगर निगम के पढ़े लिखे, डिग्रीधारी इंजीनियर यहां की करीब 20 कॉलोनी के रहवासियों को गंदगी से निजात नहीं दिला पा रहे हैं।
जानकारी अनुसार इंदौर के वार्ड 37 और 40 के कॉर्नर पर बसी ये करीब 20 कॉलोनी के रहवासी 8 वर्षों से ही ड्रेनेज के गंदे पानी से परेशान हैं। वर्तमान में जब बारिश कभी धीमे तो कभी तेज का दौर चल रहा है तो यहां ड्रेनेज की गंदगी का तालाब बना हुआ है। आसपास के रहवासियों को इसी गंदगी के तालाब में से अपने वाहन निकलना पड़ रहे हैं। साथ ही आने-जाने के लिए भी इसी गंदे पानी में से गुजरना पड़ रहा है। रहवासियों ने बताया कि इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सैकड़ों की संख्या में शिकायतें की हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला जा सका है। यहां के रहवासियों ने पार्षद, विधायक और संसद तक को गंदगी की समस्या से अवगत कराया है, लेकिन इसके बाद भी इनमें से किसी भी जनप्रतिनिधि या निगम अधिकारी ने 15-20 कालोनियों के रहवासियों की इस समस्या को हल करने में कोई रुचि नहीं दिखाई।
रेडिसन या रोबोट चौराहे पर जाम लगने पर इसी रोड से गुजरते हैं वाहन
रहवासियों ने बताया कि बाईपास के रोबोट चौराहा या रेडिसन चौराहे पर जब जाम लगता है तो वाहन चालक इसी रोड का इस्तेमाल करते हैं। यह स्थिति प्रतिदिन शाम के समय निर्मित होती है। इस दौरान यहां से लगातार वाहनों के गुजरने पर क्षेत्र में भीषण बदबू फैली रहती है। नगर निगम के झोन 8 और 10 के बीच यहां रस्साकसी का दौर जारी रहता है, इस कारण भी इस समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। वही मुख्यालय के ड्रेनेज विभाग के अधिकारी इस और ध्यान ही नहीं देते हैं।