रीवा संभाग में पुलिस की ‘जन चौपाल’ से मचेगा हड़कंप: अपराधियों के राजनीतिक रसूख पर चोट, नशा माफियाओं पर कसेगा शिकंजा

    रीवा संभाग में पुलिस की ‘जन चौपाल’ से मचेगा हड़कंप: अपराधियों के राजनीतिक रसूख पर चोट, नशा माफियाओं पर कसेगा शिकंजा

    रीवा/मऊगंज - मध्य प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए रीवा जोन आईजी के निर्देशन में एक बेहद सराहनीय और आक्रामक पहल की शुरुआत की गई है। संभाग के सभी थानों और चौकियों में 'जन चौपाल' कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो अब महज एक औपचारिकता न रहकर हर महीने नियमित रूप से आयोजित होगा। इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता और पुलिस के बीच के फासले को पाटकर विश्वास को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर छोटी-बड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है।

    विंध्य के ६ जिलों में एक साथ आयोजन, आईजी की पहल को मिली सराहना

    रीवा संभाग के अंतर्गत रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सतना और मैहर जिलों में एक साथ बड़े पैमाने पर इस 'जन चौपाल' की शुरुआत की गई। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान आईजी, डीआईजी, जिला पुलिस अधीक्षकों (SPs), एडिशनल एसपी, एसडीओपी और थाना प्रभारियों सहित पूरा वरिष्ठ पुलिस अमला सीधे जमीन पर उतरा और जनता से रूबरू संवाद किया। पुलिस की इस अभूतपूर्व सक्रियता और अनूठी कार्ययोजना की आम जनता द्वारा जमकर प्रशंसा की जा रही है।

    नशा माफिया और अपराधियों पर होगा कड़ा प्रहार

    गौरतलब है कि रीवा संभाग में पिछले कुछ समय से मेडिकल नशा (कोरेक्स व अन्य प्रतिबंधित कफ सिरप), अवैध शराब की तस्करी और विभिन्न स्थानीय गैंग्स की सक्रियता के कारण अपराधों का ग्राफ बढ़ा है, जिससे आम समाज में असुरक्षा का माहौल पनप रहा था। इस गंभीर चुनौती को स्वीकार करते हुए विंध्य पुलिस ने अब पूरी तरह से कमर कस ली है। चौपालों के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों ने सख्त लहजे में साफ कर दिया है कि किसी भी परिस्थिति में समाज विरोधी गतिविधियों और गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    अब काम नहीं आएगा राजनीतिक रसूख और संरक्षण

    अक्सर मैदानी स्तर पर यह देखा जाता है कि मेडिकल नशा और अवैध शराब के धंधे में संलिप्त अपराधी सत्ता या विपक्ष के बड़े रसूखदार नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें और नजदीकियां दिखाकर स्थानीय पुलिस पर धौंस जमाने और दबाव बनाने का प्रयास करते हैं। इससे फील्ड पर तैनात थाना प्रभारियों को निष्पक्ष काम करने में कठिनाई होती है।

    लेकिन इस बार आईजी और कप्तानों ने यह ठान लिया है कि ऐसे सफेदपोश संरक्षण प्राप्त तत्वों को विशेष रूप से चिन्हित (Target) किया जाएगा। पुलिस ने दोटूक संदेश दे दिया है कि अपराधियों का राजनीतिक रसूख चाहे जो भी हो, उनके खिलाफ बिना किसी पक्षपात के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    बिना डर के सामने आए जनता, गोपनीय रहेगी सूचना

    चौपाल के माध्यम से पुलिस कप्तानों ने नागरिकों से भावुक और निर्भीक अपील की है कि वे अपने आस-पास होने वाली किसी भी समाज विरोधी गतिविधि, अवैध कारोबार या संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी पूरी निडरता के साथ पुलिस को दें। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले सजग नागरिकों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाएगी। सरकार और पुलिस की मंशा साफ है कि जनता की छोटी-मोटी और स्थानीय समस्याएं थानों के चक्कर काटे बिना, स्थानीय स्तर पर ही आपसी संवाद से सुलझा ली जाएं। मुख्यमंत्री की 'अपराध मुक्त मध्य प्रदेश' की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए रीवा संभाग का जमीनी पुलिस अमला अब पूरी तरह मुस्तैद और एक्शन मोड में नजर आ रहा है।

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