| सीहोर श्रीरामजानकी की हुई बड़ी जीत: कई साल बाद मंदिर की भूमि से हटा अवैध कब्जा Aajtak24 News |
सीहोर - अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मामले की याद दिलाने वाला एक अत्यंत रोचक और चर्चित मामला सीहोर में सामने आया है। यहाँ ग्राम बड़नगर स्थित श्रीराम जानकी अधिकारी मंदिर बढ़ियाखेड़ी की बेशकीमती भूमि को प्रशासन ने अवैध कब्जे से मुक्त कराकर मंदिर प्रबंधन को सौंप दिया है। इस मामले की सबसे विशेष बात यह है कि देश के दूसरे सबसे चर्चित मामले के रूप में यहाँ स्वयं भगवान श्रीराम मुख्य अपीलकर्ता थे।
7 साल चली कानूनी लड़ाई
श्रीराम जानकी अधिकारी मंदिर के व्यवस्थापक महंत हरिदास गुरु गोपालदास ने बताया कि यह कानूनी विवाद पिछले करीब कई वर्षों से न्यायालय में चल रहा था। मंदिर की ज़मीन पर कुछ लोगों ने लंबे समय से अवैध कब्जा कर रखा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वयं भगवान श्रीराम की ओर से न्याय की गुहार लगाई गई थी। माननीय न्यायाधीश ने साक्ष्यों के आधार पर भगवान श्रीराम के पक्ष में फैसला सुनाते हुए धारा २५० के अंतर्गत जमीन को कब्जा मुक्त करने के आदेश जारी किए थे।
आधुनिक यंत्रों से हुई नपती, भारी पुलिस बल रहा मौजूद
न्यायालय के आदेश के परिपालन में बुधवार, ६ मई को तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुँची। आरआई धीरेंद्र वर्मा, पटवारी श्रीमती बबीता जैन एवं तहसील के अन्य कर्मचारियों ने आधुनिक मशीनों के माध्यम से जमीन की सटीक नपती की। इस पूरी कार्यवाही के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से थाना कोतवाली का पुलिस बल भी तैनात रहा।
महंत को सौंपा गया कब्जा
प्रशासनिक औपचारिकताओं के बाद मौके पर ही जमीन का भौतिक कब्जा मंदिर के व्यवस्थापक महंत श्री हरिदास को सौंप दिया गया। यहॉ महंत रूपकिशोर दास भीलखेड़ा कालापीपल वाले, आचार्य पंडित संतोष भारद्वाज पीताम्बरा शक्ति मंदिर, वैâलाश राय, महेन्द्र राय सहित बड़ी संख्या में पत्रकारगण भी मौजूद थे। वर्षों पुराने इस विवाद के सुखद अंत और श्रीराम जी के पक्ष में न्याय होने पर श्रद्धालुओं में हर्ष का माहौल है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सहयोग से संपन्न हुई इस कार्यवाही की क्षेत्र में काफी चर्चा है।