| दूध के उचित मूल्य की मांग को लेकर अनूपपुर में किसानों की बड़ी रैली, 25 जून से दूध सप्लाई बंद करने की चेतावनी |
अनूपपुर - जिले के दुग्ध उत्पादक किसानों ने दूध के उचित दाम न मिलने पर सरकार और डेयरी संचालकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लागत के अनुपात में दूध का सही मूल्य निर्धारित करने की मांग को लेकर किसानों ने आज अनूपपुर जिला मुख्यालय में एक विशाल और शांतिपूर्ण रैली निकाली। यह रैली तुलसी कॉलेज से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई सामतपुर में समाप्त हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और दुग्ध उत्पादक किसान एकजुट नजर आए।
प्रदर्शनकारी किसानों ने अपनी समस्याओं को उजागर करते हुए कहा कि आज के समय में पशुपालन बेहद खर्चीला और घाटे का सौदा साबित हो रहा है। पशु आहार, भूसा, चोकर और दवाइयों के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं, लेकिन दूध का क्रय मूल्य लंबे समय से जस का तस बना हुआ है। इससे पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
दुग्ध उत्पादक संघ की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
गाय के दूध का मूल्य: न्यूनतम ₹60 प्रति लीटर निर्धारित किया जाए।
भैंस के दूध का मूल्य: न्यूनतम ₹70 प्रति लीटर तय किया जाए।
डेयरी संचालकों को अल्टीमेटम, थमेगी दूध की रफ्तार
रैली के समापन पर दुग्ध उत्पादक संघ, जिला अनूपपुर के बैनर तले जिले के सभी प्रमुख डेयरी संचालकों को ज्ञापन सौंपकर अंतिम चेतावनी दी गई। किसानों ने साफ शब्दों में अल्टीमेटम दिया है कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत विचार कर दूध के दाम नहीं बढ़ाए गए, तो 25 जून 2026 से पूरे जिले में दूध की आपूर्ति (सप्लाई) पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह उनके अस्तित्व की लड़ाई है। जब तक दूध का न्यायसंगत मूल्य नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं। उन्होंने जिले के सभी छोटे-बड़े दुग्ध उत्पादकों से एकजुट होने और 25 जून से शुरू होने वाली हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है। दूध की संभावित किल्लत को देखते हुए अब प्रशासन और डेयरी संचालकों के रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं।