| सुकमा; जब लेबर वार्ड में बढ़ी उमस, प्रशासन ने रातों-रात पहुंचाई ठंडी राहत Aajtak24 News |
सुकमा - जिला चिकित्सालय के मातृ-शिशु अस्पताल स्थित लेबर वार्ड में प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को भीषण गर्मी और उमस से राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं। तकनीकी खराबी के कारण वार्ड का सेंट्रल एसी बंद हो गया था, जिससे अस्पताल में भर्ती महिलाओं और नवजातों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। गर्मी और बंद वातावरण के कारण वार्ड में असुविधा लगातार बढ़ रही थी।
मामला प्रशासन के संज्ञान में आते ही कलेक्टर अमित कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए लेबर वार्ड में दो नए एसी स्थापित कर दिए। इसके साथ ही सभी खिड़कियों पर एग्जॉस्ट फैन लगाए गए, ताकि वार्ड में बेहतर वेंटिलेशन और हवा का संचार बना रहे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सेंट्रल एसी की मरम्मत में समय लग सकता था, इसलिए मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तुरंत अस्थायी लेकिन प्रभावी व्यवस्था की गई।
इस पहल के बाद मरीजों और उनके परिजनों ने राहत महसूस की और जिला प्रशासन की तत्परता की सराहना की। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि माताओं और नवजातों का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और अस्पतालों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- लेबर वार्ड जैसे संवेदनशील विभाग का सेंट्रल एसी खराब होने की स्थिति आखिर क्यों बनी और इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी किसकी थी?
- अगर मीडिया या शिकायत के जरिए मामला सामने नहीं आता, तो क्या प्रसूताओं और नवजातों को इसी स्थिति में रहना पड़ता?
- जिला अस्पताल में अन्य जरूरी उपकरणों और सुविधाओं की स्थिति की क्या कोई स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो?