दुर्ग में पान ठेलों से ढाबों तक छापा… ‘सही दवा-शुद्ध आहार’ अभियान में 32 जगह कार्रवाई Aajtak24 News

दुर्ग में पान ठेलों से ढाबों तक छापा… ‘सही दवा-शुद्ध आहार’ अभियान में 32 जगह कार्रवाई Aajtak24 News

दुर्ग - जिले में “सही दवा-शुद्ध आहार - यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के तहत प्रशासन ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सघन जांच अभियान तेज कर दिया है। राज्य शासन के निर्देश पर 11 मई तक चलाए जा रहे 15 दिवसीय अभियान के अंतर्गत खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। अभियान के ग्यारहवें दिन गुरुवार को औषधि शाखा की टीम ने कोटपा एक्ट के तहत ग्रामीण क्षेत्रों करंजा भिलाई, जेवरा-सिरसा और समोदा में तम्बाकू उत्पादों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान पान ठेलों और होटलों में नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर 32 स्थानों पर चालानी कार्रवाई की गई।

अधिकारियों ने दुकानदारों और आम लोगों को तम्बाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक भी किया। प्रशासन ने साफ किया है कि कोटपा एक्ट के तहत ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। वहीं खाद्य शाखा की टीम ने जिले के कई ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। पुलगांव स्थित रॉयल खालसा ढाबा, अंजोरा के ठाकरे ढाबा और खन्ना ढाबा, स्टेशन रोड दुर्ग स्थित केडीएम-केडीबी तथा श्री साईं इंटरप्राइजेस में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान संचालकों को वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने, साफ-सफाई बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता को लेकर चलाए जा रहे इस अभियान को प्रशासन सार्वजनिक स्वास्थ्य से जोड़कर देख रहा है। हालांकि सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या ऐसे अभियान केवल सीमित अवधि तक ही सख्ती दिखाते हैं या आगे भी नियमित निगरानी बनी रहेगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. अभियान के दौरान 32 जगहों पर कार्रवाई हुई, तो क्या यह माना जाए कि जिले में तम्बाकू और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन लंबे समय से खुलेआम हो रहा था?
  2. ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों को केवल निर्देश देकर छोड़ा गया या किसी गंभीर अनियमितता पर लाइसेंस निलंबन और जुर्माने जैसी कार्रवाई भी की जाएगी?
  3. 15 दिवसीय अभियान खत्म होने के बाद क्या नियमित निरीक्षण की स्थायी व्यवस्था होगी, या यह कार्रवाई केवल औपचारिक अभियान तक सीमित रह जाएगी?

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