| सुकमा; गांव-गांव गूंजा ‘विकास का दावा’, रोजगार दिवस में खुली योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट Aajtak24 News |
सुकमा - जिले की सभी ग्राम पंचायतों में गुरुवार को “रोजगार दिवस” और “आवास दिवस” का आयोजन किया गया, जहां शासन की प्रमुख योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई और चल रहे कार्यों की समीक्षा भी की गई।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जोड़ना, पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ देना और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना बताया गया।
कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों में मनरेगा के तहत जॉब कार्ड, श्रमिक पंजीयन, मजदूरी भुगतान और नए कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई जगहों पर मौके पर ही समाधान भी किया गया। साथ ही अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ने और कार्यों की सतत निगरानी के निर्देश दिए गए।
ग्राम पंचायत कोर्रा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूर्ण हो चुके आवासों के हितग्राहियों को सांकेतिक चाबी और स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। वहीं, अधूरे आवासों के हितग्राहियों को निर्माण शीघ्र पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक, आवास मित्र और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
प्रशासन का दावा है कि इन आयोजनों के माध्यम से योजनाओं को सीधे गांव स्तर तक पहुंचाया जा रहा है, हालांकि ग्रामीण स्तर पर अब भी समय पर भुगतान, निर्माण की गति और रोजगार की निरंतरता जैसे मुद्दे चर्चा में बने हुए हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- रोजगार दिवस में योजनाओं की जानकारी दी गई, लेकिन क्या यह बताया गया कि कितने मजदूरों को वास्तव में नियमित 100 दिन का रोजगार मिल पाया है?
- कोर्रा में सांकेतिक चाबी तो दी गई, लेकिन जिले में कितने पीएम आवास अभी भी अधूरे पड़े हैं और उनकी समय-सीमा क्या है?
- मनरेगा और आवास योजनाओं में पारदर्शिता की बात हो रही है, तो क्या इन योजनाओं का कोई स्वतंत्र सोशल ऑडिट नियमित रूप से कराया जा रहा है?