![]() |
| अनूपपुर; घर-घर जनगणना में लापरवाही पड़ी भारी… कलेक्टर ने मौके पर ही रोक दी शिक्षक की वेतन वृद्धि Aajtak24 News |
अनूपपुर - जिले में चल रहे जनगणना सर्वे कार्य के दौरान लापरवाही बरतना एक कर्मचारी को भारी पड़ गया। कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने बुधवार को जनपद पंचायत अनूपपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत नवाटोला और बेलिया बड़ी में जनगणना के प्रथम चरण के तहत घर-घर सर्वे कार्य का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सर्वे कार्य में अनियमितता पाए जाने पर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक प्राथमिक शिक्षक की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दे दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने घर-घर जाकर किए जा रहे सूचीकरण कार्य की वास्तविक स्थिति देखी और संबंधित कर्मचारियों से सर्वे प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक मकान का सही, पूर्ण और त्रुटिरहित सूचीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की नीतियों और योजनाओं की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर श्री पंचोली ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण और विकास कार्यों की दिशा तय करते हैं। ऐसे में यदि सर्वे में त्रुटियां होती हैं तो उसका सीधा असर शासन की योजनाओं और आम लोगों तक मिलने वाले लाभ पर पड़ सकता है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान बेलिया बड़ी में एक प्राथमिक शिक्षक द्वारा जनगणना कार्य में लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और संबंधित कर्मचारी की एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश मौके पर ही दे दिए। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में जनगणना कार्य को लेकर सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि सर्वे कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी परिवार या मकान सूचीकरण से छूटने न पाए। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और समय-सीमा के भीतर सर्वे पूरा करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोतमा श्री सतीश वर्मा, तहसीलदार कोतमा श्री दशरथ सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- यदि जनगणना जैसे राष्ट्रीय कार्य में जमीनी स्तर पर कर्मचारी लापरवाही कर रहे हैं, तो क्या जिला प्रशासन ने पहले से मॉनिटरिंग और प्रशिक्षण व्यवस्था को गंभीरता से लागू किया था?
- एक कर्मचारी पर कार्रवाई हुई, लेकिन क्या अब तक यह जांच हुई है कि जिले में और कितने सर्वे अधूरे, गलत या कागजी रूप से पूरे दिखाए गए हैं?
- जनगणना के आंकड़ों पर ही सरकारी योजनाएं आधारित होती हैं, ऐसे में यदि सर्वे में गलतियां पाई जाती हैं तो उसकी जिम्मेदारी केवल फील्ड कर्मचारी की होगी या वरिष्ठ अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होगी?
