| उमरिया; मार्च से बंद पड़ा पंचायत भवन, कलेक्टर के छापे में खुली सुस्ती की परतें Aajtak24 News |
उमरिया - जिले में ग्रामीण विकास कार्यों की जमीनी हकीकत उस समय सामने आ गई, जब कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने करकेली विकासखंड के निर्माणाधीन पंचायत भवनों और बहुउद्देशीय भवनों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति और लापरवाही उजागर हुई, जिस पर कलेक्टर ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को जमकर फटकार लगाई। सबसे गंभीर स्थिति करकेली में लगभग 27.76 लाख रुपये की लागत से बन रहे पंचायत भवन में देखने को मिली, जहां निर्माण कार्य पूरी तरह बंद मिला। मौके पर मौजूद उपयंत्री आरईएस अनिल इनवाती ने बताया कि मार्च माह से निर्माण कार्य बंद पड़ा है। यह जानकारी मिलते ही कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित ठेकेदार कमलेश सिंह को दो दिन के भीतर बुलाकर काम दोबारा शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पंचायत भवन में संचालित योजनाओं और नागरिक सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचायत भवन केवल औपचारिक इमारत बनकर न रह जाएं, बल्कि ग्रामीणों के लिए उपयोगी और सुविधाजनक केंद्र के रूप में विकसित किए जाएं। इसके बाद कलेक्टर ग्राम कौडिया-63 पहुंचीं, जहां लगभग 37.49 लाख रुपये की लागत से पंचायत भवन का निर्माण कार्य जारी है। यहां भवन के हॉल और अन्य कक्ष निर्माणाधीन पाए गए। कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री की नियमित जांच हो, सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए और समय-समय पर प्रगति का मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर राखी सहाय ने पीएम जनमन योजना के तहत ग्राम बरही और कौडिया-63 में बन रहे बहुउद्देशीय भवनों का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि भवनों के हॉल और कई कक्ष तैयार हो चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन निर्माण पूर्ण होने के बाद उनका उपयोग समयबद्ध तरीके से शुरू कराया जाए ताकि स्थानीय लोगों को वास्तविक लाभ मिल सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, साफ-सफाई और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित समीक्षा करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, सीईओ जनपद पंचायत करकेली ऋषभ शुक्ला सहित पीआईयू और संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जब मार्च महीने से पंचायत भवन का निर्माण कार्य बंद था, तो संबंधित विभाग और मॉनिटरिंग अधिकारी अब तक क्या कर रहे थे, और इस लापरवाही की जवाबदेही किसकी तय की गई है?
- सरकारी निर्माण कार्यों में बार-बार देरी और गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं, तो क्या जिला प्रशासन भविष्य में ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की कोई स्थायी नीति बना रहा है?
- पीएम जनमन और पंचायत भवन जैसी योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन कई भवन लंबे समय तक उपयोग में नहीं आ पाते—क्या प्रशासन इनके उपयोग और रखरखाव की भी अलग से जवाबदेही तय करेगा?