भोपाल; निरीक्षण पर निरीक्षण… लेकिन क्या फाइलों से बाहर भी दिखेगा विकास? Aajtak24 News

भोपाल; निरीक्षण पर निरीक्षण… लेकिन क्या फाइलों से बाहर भी दिखेगा विकास? Aajtak24 News

भोपाल - जिले के प्रवास पर पहुंचे भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंह ने गुरुवार को विभिन्न विभागीय कार्यों और योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दौरे के दौरान उन्होंने जनगणना तैयारियों, समर्थन मूल्य उपार्जन व्यवस्था, नल-जल योजनाओं, जल गंगा संवर्धन अभियान और कलेक्ट्रेट रिकॉर्ड रूम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

संभागायुक्त ने सबसे पहले जनगणना कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य पूरी पारदर्शिता और तय समय-सीमा में संपन्न हो। साथ ही कर्मचारियों के प्रशिक्षण और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

इसके बाद उन्होंने जिले में संचालित गेहूं उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। संभागायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को तौल, भुगतान, परिवहन और भंडारण से जुड़ी किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण किया जाए।

दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित नल-जल योजनाओं की प्रगति का भी निरीक्षण किया गया। संभागायुक्त ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और योजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

“जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत चल रहे जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने तालाब गहरीकरण, जल स्रोत संरक्षण और वर्षा जल संचयन गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जल संकट से निपटने के लिए जनभागीदारी जरूरी है और अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए।

संभागायुक्त ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण कर अभिलेखों के रखरखाव, डिजिटलीकरण और रिकॉर्ड प्रबंधन की प्रक्रिया भी देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासकीय दस्तावेजों का सुरक्षित और व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और सुगमता बनी रहे।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अंशुल गुप्ता, अपर कलेक्टर अनिल कुमार डामोर और जिला पंचायत सीईओ ओपी सनोडिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. अगर नल-जल योजनाओं की गुणवत्ता इतनी बेहतर है, तो जिले के कई गांवों में आज भी लोगों को टैंकर और हैंडपंप पर निर्भर क्यों रहना पड़ रहा है?
  2. जनगणना और रिकॉर्ड डिजिटलीकरण की बात हो रही है, लेकिन क्या प्रशासन के पास यह आंकड़ा है कि कितने विभागों के रिकॉर्ड अब भी अधूरे या अव्यवस्थित हैं?
  3. जल गंगा संवर्धन अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, तो अब तक कितने जल स्रोतों का वास्तविक जलस्तर बढ़ा और उसका स्वतंत्र मूल्यांकन किस एजेंसी ने किया?

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