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| सीहोर की नेशनल लोक अदालत में हजारों मामलों पर लगेगी मुहर Aajtak24 News |
सीहोर - जिले में 09 मई को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन जिला न्यायालय परिसर के साथ-साथ आष्टा, भैरूंदा, बुधनी और इछावर के तहसील न्यायालयों में भी होगा। नेशनल लोक अदालत के लिए जिलेभर में कुल 24 खंडपीठों का गठन किया गया है, जहां हजारों लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों के निराकरण का प्रयास किया जाएगा। प्रधान जिला न्यायाधीश संजीव कुमार अग्रवाल के निर्देशानुसार आयोजित होने वाली इस लोक अदालत को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वप्नश्री सिंह ने पत्रकार वार्ता कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अदालत में आपराधिक शमनीय प्रकरण, धारा 138 एनआई एक्ट, क्लेम केस, विद्युत अधिनियम, वैवाहिक विवाद और अन्य सिविल मामलों सहित लगभग 1900 राजीनामा योग्य प्रकरण रखे गए हैं।
इसके अलावा बिजली बिल, बैंक रिकवरी, जलकर, संपत्ति कर और बीएसएनएल से जुड़े करीब 10 हजार प्री-लिटिगेशन मामलों को भी लोक अदालत में रखा जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि इन मामलों में नियमानुसार विशेष छूट दी जाएगी, ताकि लोग आपसी समझौते के जरिए विवाद खत्म कर सकें।
इस बार नेशनल लोक अदालत में ट्रैफिक चालान से जुड़े राजीनामा योग्य मामलों को भी शामिल किया गया है। इसके लिए जिले के सभी थानों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक मामलों का मौके पर निपटारा किया जा सके और लोगों को राहत मिल सके।
जिला प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों का कहना है कि लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत दिलाना और सस्ती व त्वरित न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराना है। हालांकि हर बार की तरह इस बार भी यह सवाल बना हुआ है कि क्या केवल समझौते की संख्या बढ़ाने पर फोकस रहेगा या लोगों को वास्तव में न्याय और पारदर्शिता भी मिल पाएगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- हर लोक अदालत में हजारों मामलों के निराकरण का दावा होता है, लेकिन कितने मामलों में बाद में फिर विवाद या भुगतान संबंधी शिकायतें सामने आती हैं?
- बैंक रिकवरी और बिजली बिल मामलों में ‘भारी छूट’ की बात कही जा रही है, तो क्या इसकी स्पष्ट प्रतिशत और पात्रता सार्वजनिक की गई है या नहीं?
- ट्रैफिक चालानों के निराकरण में क्या यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गलत चालान या भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की भी निष्पक्ष समीक्षा हो, या सिर्फ राजस्व वसूली पर जोर रहेगा?
