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| विदिशा; तौल मशीन पर भरोसा या सिस्टम पर सवाल? खामखेड़ा उपार्जन केंद्र पहुंची संभागायुक्त की नजर Aajtak24 News |
विदिशा - जिले के ग्राम खामखेड़ा स्थित उपार्जन केंद्र पर गुरुवार को भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंह ने पहुंचकर समर्थन मूल्य पर चल रही खरीदी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गेहूं, चना और मसूर खरीदी की प्रक्रिया, गुणवत्ता परीक्षण और किसानों को दी जा रही सुविधाओं की स्थिति को करीब से देखा। संभागायुक्त ने केंद्र पर मौजूद सर्वेयरों से फसलों की गुणवत्ता जांच प्रक्रिया की जानकारी ली। इस दौरान नमी मापने, दानों की गुणवत्ता जांचने और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप परीक्षण की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि खरीदी कार्य शासन के दिशा-निर्देशों के तहत पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने ग्राम बल्लाखेड़ी के किसान गोपाल सिंह बघेल से बातचीत कर स्लॉट बुकिंग, तौल व्यवस्था, भुगतान प्रक्रिया और केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं को लेकर फीडबैक लिया। किसान ने अपने अनुभव साझा करते हुए उपार्जन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी दी।
कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने संभागायुक्त को जिले में संचालित उपार्जन केंद्रों की स्थिति और व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को परेशानी न हो, इसके लिए स्लॉट बुकिंग से लेकर परिवहन तक की व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है। उन्होंने कहा कि उपार्जन कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है और किसानों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
प्रशासन का दावा है कि केंद्रों पर पेयजल, छाया और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन हर सीजन में उपार्जन केंद्रों पर तौल में गड़बड़ी, स्लॉट में देरी और भुगतान लंबित रहने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में संभागायुक्त का यह दौरा व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति पर भी कई सवाल खड़े कर रहा है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- अगर उपार्जन व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है, तो हर साल किसानों द्वारा तौल में गड़बड़ी और भुगतान में देरी की शिकायतें क्यों सामने आती हैं?
- जिले में कितने उपार्जन केंद्रों पर गुणवत्ता परीक्षण मशीनें नियमित रूप से कार्यरत हैं और उनकी स्वतंत्र जांच आखिरी बार कब हुई थी?
- क्या प्रशासन उन अधिकारियों और सर्वेयरों पर कार्रवाई करेगा, जिनके केंद्रों पर किसानों से अवैध वसूली या स्लॉट के बदले दलाली की शिकायतें मिली हैं?
