![]() |
| रायसेन; अब हर घर का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड! रायसेन में शुरू हुई जनगणना की सबसे बड़ी पड़ताल Aajtak24 News |
रायसेन - जिले में जनगणना–2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और आवास गणना का कार्य शुक्रवार से शुरू हो गया। इस अभियान के तहत अब जिले के हर घर की डिजिटल जानकारी तैयार की जाएगी। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने गैरतगंज और देवनगर पहुंचकर जनगणना कार्य का निरीक्षण किया और प्रगणकों से संवाद कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जनगणना अभियान के तहत प्रगणक घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र कर रहे हैं। इसमें मकान की बनावट, छत, दीवार और फर्श की स्थिति से लेकर परिवार के सदस्यों की संख्या तक का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। साथ ही पानी, बिजली, शौचालय, वाहन जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कुल 33 सवाल भी पूछे जा रहे हैं।
इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है। प्रशासन द्वारा मकानों की जियो-टैगिंग भी कराई जा रही है, जिससे हर घर की सटीक डिजिटल मैपिंग तैयार हो सके। अधिकारियों का कहना है कि इससे भविष्य की विकास योजनाओं और सरकारी सुविधाओं के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। कलेक्टर विश्वकर्मा ने प्रगणकों को निर्देश दिए कि वे पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ जानकारी एकत्र करें तथा नागरिकों को जनगणना के महत्व के बारे में जागरूक भी करें। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे सही जानकारी देकर इस अभियान में सहयोग करें।
जनगणना का यह चरण 30 मई तक चलेगा। प्रशासन का दावा है कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल सिस्टम के जरिए इस बार अधिक सटीक और वैज्ञानिक आंकड़े जुटाए जाएंगे, जिससे जिले की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- डिजिटल जनगणना और जियो-टैगिंग की बात हो रही है, लेकिन क्या प्रशासन ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क तथा तकनीकी समस्याओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है?
- घर-घर से इतनी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है, तो नागरिकों के निजी डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस व्यवस्था की गई है?
- क्या प्रशासन यह गारंटी देगा कि जनगणना के दौरान जुटाए गए आंकड़ों का उपयोग केवल विकास योजनाओं के लिए होगा और इनमें किसी प्रकार की राजनीतिक या अन्य हस्तक्षेप नहीं होगा?
