दतिया; एक क्लिक और करोड़ों रुपये सीधे खातों में! दतिया के 261 श्रमिक परिवारों को मिला बड़ा सहारा Aajtak24 News

दतिया; एक क्लिक और करोड़ों रुपये सीधे खातों में! दतिया के 261 श्रमिक परिवारों को मिला बड़ा सहारा Aajtak24 News

दतिया - मजदूर दिवस के मौके पर मध्यप्रदेश सरकार ने श्रमिक परिवारों को आर्थिक संबल देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के तहत बड़ी राहत दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के जरिए पूरे प्रदेश के 27 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों के खातों में 600 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित की। इसी क्रम में दतिया जिले के 261 श्रमिक परिवारों को 5 करोड़ 76 लाख रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई। दतिया में इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण एनआईसी कक्ष में देखा गया, जहां प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और हितग्राही मौजूद रहे। सहायता राशि प्राप्त करने वाले परिवारों में सामान्य मृत्यु और दुर्घटना मृत्यु दोनों श्रेणियों के हितग्राही शामिल रहे। प्रशासन के अनुसार 234 परिवारों को सामान्य मृत्यु सहायता और 27 परिवारों को दुर्घटना मृत्यु सहायता के तहत राशि दी गई।

जिले में सबसे अधिक हितग्राही जनपद पंचायत दतिया क्षेत्र से रहे, जबकि भांडेर, सेवढ़ा, इंदरगढ़ और अन्य नगर निकायों के लाभार्थियों को भी योजना का लाभ मिला। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों से अपील करते हुए कहा कि वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएं। कार्यक्रम में अधिकारियों ने श्रमिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। प्रशासन का कहना है कि संबल योजना का उद्देश्य असंगठित श्रमिक परिवारों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

मजदूर दिवस पर हुए इस कार्यक्रम को सरकार श्रमिक कल्याण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं लाभार्थियों ने भी इसे संकट के समय मिली राहत करार दिया।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल

  1. सरकार करोड़ों रुपये की सहायता राशि देने का दावा कर रही है, लेकिन क्या प्रशासन यह बताएगा कि जिले में कितने पात्र श्रमिक अब भी संबल योजना में पंजीकृत नहीं हैं?
  2. क्या सरकार के पास ऐसा कोई आंकड़ा है जिससे पता चले कि संबल योजना की राशि मिलने के बाद वास्तव में श्रमिक परिवारों की आर्थिक स्थिति में कितना सुधार हुआ?
  3. कई बार योजनाओं में अपात्र लोगों को लाभ और पात्र लोगों को वंचित रहने की शिकायतें सामने आती हैं, तो क्या दतिया जिले में लाभार्थियों के चयन की स्वतंत्र जांच या ऑडिट कराया जाएगा?

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