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| देवास; तालाबों से लेकर बोरिंग तक सख्ती—देवास में कलेक्टर का एक्शन मोड Aajtak24 News |
देवास - जिले में समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। बैठक में शासकीय भूमि, तालाबों से अतिक्रमण हटाने, जल गंगा संवर्धन अभियान, स्वास्थ्य योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
तालाबों और शासकीय भूमि पर बड़ा एक्शन
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि—
- सभी एसडीएम अपने क्षेत्र के तालाबों का निरीक्षण करें
- तालाबों से तुरंत अतिक्रमण हटाया जाए
- हल्कावार शासकीय भूमि की सूची तैयार की जाए
- अवैध कब्जे वाली जमीनों को ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक किया जाए
- अतिक्रमण करने वालों पर अर्थदंड लगाया जाए
यहां तक कि उन्होंने समय-सीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ पर नाराजगी
बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति पर असंतोष जताया गया।
- कई जनपद पंचायतों में कार्य धीमा पाया गया
- केवल बागली जनपद में बेहतर प्रगति दिखी
- अन्य सीईओ को वेतन वृद्धि रोकने का नोटिस देने के निर्देश
- जिला परियोजना अधिकारी को भी कारण बताओ नोटिस
कलेक्टर ने साफ कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जल संरचनाओं और अमृत सरोवर पर फोकस
- कंटूर ट्रेंचिंग के लिए स्थान चयन के निर्देश
- अमृत सरोवरों में मत्स्य पालन को बढ़ावा
- शहरी जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार समयसीमा में पूरा करने के आदेश
HPV टीकाकरण में पीछे रहने पर चेतावनी
- सोनकच्छ में सबसे कम प्रगति पर नाराजगी
- सभी पात्र बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण अनिवार्य
- पिछड़े विकासखंडों में अभियान तेज करने के निर्देश
स्वच्छता सर्वेक्षण पर सख्ती
कलेक्टर ने कहा कि स्वच्छता में लापरवाही स्वीकार नहीं होगी।
- डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण अनिवार्य
- सार्वजनिक शौचालयों का सुधार
- GFC स्टार रेटिंग और ODF++ पर काम तेज करने के निर्देश
समग्र केवाईसी और योजनाओं की समीक्षा
- जिले में 88% समग्र केवाईसी पूरा
- शेष कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश
- वन अधिकार पट्टों के लंबित मामलों के निपटारे पर जोर
- किलकारी अभियान के तहत कुपोषित बच्चों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने के आदेश
जल जीवन मिशन पर सख्त रुख
- अपूर्ण योजनाओं को तुरंत पूरा करने के निर्देश
- पूर्ण योजनाओं में भी पानी आपूर्ति शुरू न होने पर नाराजगी
- ठेकेदारों और अधिकारियों को फील्ड मॉनिटरिंग के आदेश
अवैध बोर खनन पर FIR के निर्देश
- बिना अनुमति बोरिंग पर सीधी कार्रवाई
- मशीन जब्ती और FIR दर्ज करने के आदेश
- राजस्व और पुलिस को सतत निगरानी के निर्देश
किसानों और मंडियों पर फोकस
- 2.05 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी
- 251.61 करोड़ रुपये का भुगतान
- देवास मंडी प्रदेश में प्रथम स्थान पर
- फार्मगेट ऐप से पारदर्शिता में सुधार
- ग्रामीण मंडियों को तत्काल सक्रिय करने के निर्देश
इस बैठक का बड़ा संदेश
देवास प्रशासन का रुख अब स्पष्ट है—
👉 देरी = पेनल्टी
👉 लापरवाही = नोटिस
👉 काम पूरा नहीं = वेतन वृद्धि पर रोक
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. क्या वेतन वृद्धि रोकने और नोटिस की रणनीति वास्तव में जमीनी कार्य सुधार रही है, या यह केवल तात्कालिक दबाव बनाने का तरीका है?
2. जल गंगा संवर्धन जैसे अभियानों में बार-बार नाराजगी के बावजूद क्या स्थायी मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित हो पा रहा है?
3. क्या तालाबों और शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद पुनः अतिक्रमण रोकने के लिए कोई दीर्घकालिक सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है?
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