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| सागर; लखपति दीदी अब बनेंगी ‘रोजगार की मालिक’—सागर में कलेक्टर का नया मॉडल Aajtak24 News |
सागर - जिले में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक में एक बड़ा और दूरगामी बदलाव का संकेत दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “लखपति दीदी” अभियान का अगला चरण अब महिलाओं को केवल आत्मनिर्भर बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें रोजगार प्रदाता (Job Creator) के रूप में विकसित किया जाएगा।
‘लखपति दीदी’ से ‘रोजगार प्रदाता’ तक का सफर
बैठक में कलेक्टर ने कहा—
- अब महिलाओं की भूमिका सिर्फ आय अर्जन तक सीमित नहीं
- उन्हें छोटे उद्यम, समूह आधारित व्यवसाय और स्थानीय रोजगार सृजन में आगे बढ़ाया जाएगा
- स्व-सहायता समूहों को उद्यमिता केंद्रों में बदला जाएगा
इस रणनीति का उद्देश्य गांवों में स्थानीय रोजगार का मजबूत नेटवर्क तैयार करना है।
जल गंगा संवर्धन पर सख्त समयसीमा
कलेक्टर ने जल संरक्षण को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए—
- 20 मई तक सभी कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति जरूरी
- प्रत्येक ब्लॉक में कंटूर ट्रेंच निर्माण के लिए स्थल चिन्हित हों
- वर्षा जल संचयन को प्राथमिकता दी जाए
कंटूर ट्रेंच और जल संरक्षण पर फोकस
- हर ब्लॉक में कंटूर ट्रेंच निर्माण अनिवार्य
- जल स्रोतों के संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू
- पंचायतों को जल प्रबंधन में सक्रिय भूमिका देने के निर्देश
महिलाओं और किसानों के लिए बड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम
कलेक्टर ने आजीविका बढ़ाने के लिए व्यापक प्रशिक्षण मॉडल की घोषणा की—
- बकरी पालन
- शेड नेट हाउस खेती
- माइक्रो इरीगेशन
- ऑक्सीजन वाटिका रखरखाव
साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिला स्तरीय वर्कशॉप आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छता में ‘अंबिकापुर मॉडल’ लागू करने की तैयारी
- प्रत्येक ब्लॉक की 10-10 पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
- Material Recovery Facility (MRF) सेंटर शुरू करने के निर्देश
- घर-घर कचरा संग्रहण अनिवार्य
- स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायतों का स्वच्छ मॉडल तैयार करने का लक्ष्य
प्रशासनिक सुधार पर सख्ती
- मई अंत तक समग्र पोर्टल पर 100% ई-केवाईसी पूरा करने का आदेश
- पंचायतों में टैक्स कलेक्शन और यूजर चार्ज की समीक्षा होगी
- वसूली गई राशि का उपयोग स्थानीय विकास में ही किया जाएगा
कलेक्टर का स्पष्ट संदेश
कलेक्टर ने कहा—
👉 लक्ष्य सिर्फ आय बढ़ाना नहीं
👉 महिलाओं को रोजगार सृजनकर्ता बनाना है
👉 पंचायतों को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाना प्राथमिकता है
