भोपाल में प्रशासन का बड़ा प्रयोग: अब तहसील स्तर पर ही होगी जिला स्तरीय जनसुनवाई Aajtak24 News

भोपाल में प्रशासन का बड़ा प्रयोग: अब तहसील स्तर पर ही होगी जिला स्तरीय जनसुनवाई Aajtak24 News

भोपाल - जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक जनोन्मुखी और तेज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में मंगलवार को बैरसिया जनपद पंचायत कार्यालय में तहसील स्तर पर पहली बार जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। इस विशेष जनसुनवाई को प्रशासनिक विकेंद्रीकरण और सुशासन के मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें कुल 348 आवेदन प्राप्त हुए। कार्यक्रम में बैरसिया विधायक श्री विष्णु खत्री भी मौजूद रहे।

जनसुनवाई का नया मॉडल: अब जनता के करीब प्रशासन

कलेक्टर श्री मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था की नई शुरुआत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तहसील स्तर पर भी नियमित और अनवरत जनसुनवाई आयोजित की जाएगी, ताकि लोगों को जिला मुख्यालय तक न आना पड़े।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य:

  • जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान
  • दूरस्थ क्षेत्रों में प्रशासन की पहुंच
  • शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता
  • फील्ड लेवल पर जवाबदेही बढ़ाना

348 आवेदन, मौके पर निर्देश

जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें भूमि विवाद, राशन, आवास, पेंशन, बिजली, पानी और अन्य प्रशासनिक शिकायतें शामिल रहीं।

कलेक्टर ने:

  • प्रत्येक आवेदक से व्यक्तिगत संवाद किया
  • संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए
  • कई मामलों में मौके पर ही समाधान प्रक्रिया शुरू करवाई
  • लंबित मामलों के समयबद्ध निपटारे के आदेश दिए

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी

कार्यक्रम में विधायक श्री विष्णु खत्री ने इस पहल को “जनहित में अत्यंत प्रभावी कदम” बताया। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

इसके अलावा:

  • जिला पंचायत सीईओ श्रीमती इला तिवारी
  • एसडीएम आशुतोष शर्मा
  • जनपद पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
  • अन्य जिला अधिकारी

भी उपस्थित रहे।

प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम

यह पहल संकेत देती है कि जिला प्रशासन अब शिकायतों को “ऑफिस आधारित प्रक्रिया” से निकालकर “मैदान आधारित समाधान मॉडल” की ओर ले जा रहा है।

इस मॉडल से उम्मीद है कि:

  • शिकायतों का निपटारा तेज होगा
  • जनता का प्रशासन पर भरोसा बढ़ेगा
  • अनावश्यक फाइल मूवमेंट कम होगा

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब तहसील स्तर पर जिला स्तरीय जनसुनवाई संभव है, तो क्या अब तक जिला मुख्यालय पर होने वाली देरी के लिए प्रशासन अपनी जवाबदेही स्वीकार करेगा?
  2. 348 आवेदन प्राप्त होने के बावजूद कितने मामलों का मौके पर पूरी तरह समाधान हुआ और कितने केवल निर्देश स्तर पर ही रह गए?
  3. क्या यह मॉडल पूरे जिले में स्थायी रूप से लागू होगा या फिर यह सिर्फ एक “पायलट प्रोजेक्ट” बनकर सीमित रह जाएगा?

Post a Comment

Previous Post Next Post