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| भोपाल; मध्यप्रदेश में विकास की बड़ी सौगात: 38,555 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी, सड़क, कृषि, IT और सामाजिक सुरक्षा में बड़ा बदलाव तय Aajtak24 News |
भोपाल - भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास को नई गति देने वाले कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। इस बैठक में कुल 38,555 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृतियां प्रदान की गईं, जिनका असर आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, उद्योग, शिक्षा और सामाजिक कल्याण पर व्यापक रूप से दिखाई देगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल बजटीय औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि प्रदेश को “आत्मनिर्भर और आधुनिक मध्यप्रदेश” बनाने की दिशा में एक ठोस रोडमैप हैं।
सबसे बड़ा फोकस: सड़क और आवास क्षेत्र
बैठक में सबसे बड़ी राशि 32,405 करोड़ रुपये सड़क निर्माण, ग्रामीण मार्गों के उन्नयन और शासकीय आवासों के रखरखाव के लिए स्वीकृत की गई।
इस योजना के तहत:
- ग्रामीण सड़कों का व्यापक विस्तार
- जिला और ब्लॉक कनेक्टिविटी मजबूत होगी
- शासकीय आवासों का नियमित रखरखाव
- सड़क सुरक्षा कार्यों में सुधार
सरकार का दावा है कि इससे गांवों से शहरों तक कनेक्टिविटी तेज होगी और विकास की रफ्तार बढ़ेगी।
कृषि क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन: दलहन आत्मनिर्भरता मिशन
कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने 2,442.04 करोड़ रुपये का “दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन” मंजूर किया है, जो 5 वर्षों तक लागू रहेगा।
इस मिशन का लक्ष्य:
- दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता
- उन्नत और जलवायु-अनुकूल बीजों का विकास
- किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना
- कटाई के बाद भंडारण और प्रोसेसिंग को मजबूत करना
इस योजना से किसानों की आय बढ़ने और आयात पर निर्भरता घटने की उम्मीद जताई जा रही है।
महिला और बाल विकास पर बड़ा निवेश
राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 2,412 करोड़ रुपये आंगनवाड़ी केंद्रों और ‘मिशन वात्सल्य’ के लिए स्वीकृत किए हैं।
इसमें शामिल है:
- 1500 नए आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण
- बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
- बाल संरक्षण प्रणाली को मजबूत करना
- जरूरतमंद बच्चों को पुनर्वास सुविधा
डिजिटल और औद्योगिक विकास को गति
सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए 1,295.52 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
प्रमुख बिंदु:
- भोपाल में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0)
- ई-गवर्नेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम
- IT और स्टार्टअप्स को बढ़ावा
- सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण
इससे प्रदेश को IT हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
व्यापारियों के लिए ऐतिहासिक फैसला
मंत्रि-परिषद ने “राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड” के गठन को मंजूरी दी है।
इस बोर्ड की खासियत:
- मुख्यमंत्री होंगे अध्यक्ष
- विभिन्न विभागों और संस्थानों की भागीदारी
- व्यापारियों की समस्याओं का सीधा समाधान
- सरकार और व्यापार जगत के बीच मजबूत संवाद
इससे छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कुल प्रभाव
इन फैसलों से प्रदेश में:
- बुनियादी ढांचा मजबूत होगा
- कृषि उत्पादन बढ़ेगा
- डिजिटल सेवाएं विस्तार पाएंगी
- रोजगार के नए अवसर बनेंगे
- सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी
सरकार का कहना है कि यह पैकेज मध्यप्रदेश को अगले 5 वर्षों में तेज विकास की दिशा में ले जाएगा।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- 38,555 करोड़ की स्वीकृति के बावजूद क्या सरकार यह बता पाएगी कि कितनी योजनाएं तय समय में पूरी होंगी और कितनी फाइलों तक सीमित रह जाएंगी?
- दलहन आत्मनिर्भरता मिशन में बड़े बजट के बावजूद क्या छोटे और सीमांत किसानों तक तकनीक और बाजार की सीधी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी, या लाभ मुख्य रूप से बड़े उत्पादकों तक सीमित रहेगा?
- राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन के बाद क्या व्यापारियों की टैक्स, लाइसेंस और स्थानीय समस्याओं पर वास्तविक निर्णय लेने की शक्ति भी दी जाएगी, या यह सिर्फ सलाहकारी मंच बनकर रह जाएगा?
