श्योपुर; घर-घर पहुंची जनगणना टीम… अफसरों ने गांव में जाकर जांची ‘डिजिटल गणना’ की हकीकत Aajtak24 News

श्योपुर; घर-घर पहुंची जनगणना टीम… अफसरों ने गांव में जाकर जांची ‘डिजिटल गणना’ की हकीकत Aajtak24 News

श्योपुर - जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत चल रहे मकान सूचीकरण और मकानों की गणना कार्य की जमीनी स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। इसी क्रम में बुधवार को सीईओ जिला पंचायत एवं जिला जनगणना अधिकारी श्रीमती सौम्या आनंद ने श्योपुर तहसील के ग्राम ज्वालापुर पहुंचकर जनगणना कार्य का फील्ड निरीक्षण किया और सर्वे प्रक्रिया का जायजा लिया। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी सुश्री शीला दाहिमा के मार्गदर्शन में जिले में जनगणना का प्रथम चरण संचालित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सीईओ ने प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर किए जा रहे मकान सूचीकरण और मकानों की गणना प्रक्रिया को मौके पर देखा। उन्होंने डिजिटल जनगणना एप पर दर्ज की जा रही जानकारी की भी समीक्षा की और अधिकारियों से डेटा एंट्री की सटीकता तथा पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।

फील्ड विजिट के दौरान जनगणना सुपरवाइजर श्री राजेन्द्र कुशवाह ने जानकारी दी कि ग्राम ज्वालापुर में कुल दो हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) बनाए गए हैं। इनमें से एक एचएलबी में लगभग 40 प्रतिशत तथा दूसरे में 30 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। प्रशासन द्वारा शेष कार्य को भी समय-सीमा के भीतर पूरा कराने की तैयारी की जा रही है।

सीईओ श्रीमती सौम्या आनंद ने प्रगणकों और पर्यवेक्षकों से चर्चा कर सर्वे कार्य के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी भी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक मकान और परिवार की जानकारी सही तरीके से दर्ज की जाए ताकि भविष्य में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकें।निरीक्षण के दौरान परियोजना अधिकारी मनरेगा श्री विक्रम जाट, जनगणना सुपरवाइजर श्री राजेन्द्र कुशवाह, प्रगणक श्री गोविन्द गौड़ एवं श्रीमती शमशाद जहां सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब जनगणना पूरी तरह डिजिटल एप आधारित हो रही है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क, तकनीकी त्रुटियों और डेटा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने की क्या ठोस व्यवस्था है?
  2. यदि कई क्षेत्रों में अभी केवल 30 से 40 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है, तो क्या प्रशासन निर्धारित समय-सीमा में बिना जल्दबाजी के गुणवत्तापूर्ण सर्वे पूरा कर पाएगा?
  3. जनगणना के दौरान गलत या अधूरी जानकारी दर्ज होने पर जवाबदेही केवल प्रगणकों की होगी या पर्यवेक्षण कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों की भी तय की जाएगी?

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