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| मुरैना; 50 दिन में शिकायत नहीं निपटी तो अफसरों की खैर नहीं… कलेक्टर का सख्त अल्टीमेटम Aajtak24 News |
मुरैना - जिले में लंबित शिकायतों और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में अब किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि 50 दिन पुरानी शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए, अन्यथा यही मामले 100 दिन की श्रेणी में पहुंचकर जिले की रैंकिंग खराब करेंगे। कलेक्टर ने एल-1 अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शिकायतों का समाधान जमीनी स्तर पर ही होना चाहिए। अधिकांश समस्याएं प्रारंभिक स्तर पर पैदा होती हैं और यदि वहीं उनका निराकरण कर दिया जाए तो लोगों को शिकायत दर्ज कराने की नौबत ही नहीं आएगी। उन्होंने मैदानी कर्मचारियों को अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि बार-बार अनावश्यक शिकायत दर्ज कराने वालों के खिलाफ भी शासन स्तर पर कार्रवाई का प्रावधान है, इसलिए तथ्यात्मक आधार पर ऐसे मामलों को चिन्हित किया जाए। “प्रशासन गांव की ओर” अभियान के तहत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का नियमित अनुश्रवण हो और समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पंचायत स्तर पर साफ-सफाई को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। नगरीय निकायों की तर्ज पर गांवों में भी नालियों की नियमित सफाई कराने, बरसात से पहले विशेष अभियान चलाकर नाले-नालियों की सफाई सुनिश्चित करने और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा या गोबर फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने पंचायत स्तर पर संस्थाओं की नियमित समीक्षा करने और ब्लॉक, जनपद एवं नगरीय निकायों में अधिकारियों की प्रतिदिन उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले सरपंच, सचिव और जीआरएस के खिलाफ नोटिस जारी कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सभी नल-जल योजनाएं और हैंडपंप लगातार चालू रहें तथा जहां जरूरत हो वहां राइजर पाइप बढ़ाने की कार्रवाई प्राथमिकता से की जाए।
बैठक में कैलारस विकासखंड के रामपुर-मानगढ़ स्थित आदिवासी कॉलोनी को आदर्श कॉलोनी के रूप में विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। वहीं पीएमजेएसवाय के महाप्रबंधक की बैठक से अनुपस्थिति पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, तीन माह से लंबित नामांतरण और बंटवारे के मामलों का निराकरण करने, वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने और आगामी परीक्षाओं को पारदर्शिता के साथ आयोजित कराने के निर्देश भी दिए गए।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- यदि शिकायतों का समाधान जमीनी स्तर पर होना चाहिए, तो फिर हर साल सीएम हेल्पलाइन में हजारों शिकायतें लंबित क्यों रहती हैं और जिम्मेदार अधिकारियों पर कितनी वास्तविक कार्रवाई हुई है?
- बरसात से पहले नालियों की सफाई और पंचायतों की जवाबदेही की बातें हर वर्ष होती हैं, लेकिन जलभराव और गंदगी की समस्या फिर भी क्यों नहीं रुकती?
- लापरवाह सरपंच, सचिव और अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी तो दी जाती है, लेकिन क्या प्रशासन ऐसे मामलों की सार्वजनिक जवाबदेही तय कर कार्रवाई रिपोर्ट भी जारी करेगा?
