हरदा; अब गांवों में भी ‘कचरा टैक्स’ और जुर्माने की तैयारी… पंचायतों को मिला सख्त स्वच्छता रोडमैप Aajtak24 News

हरदा; अब गांवों में भी ‘कचरा टैक्स’ और जुर्माने की तैयारी… पंचायतों को मिला सख्त स्वच्छता रोडमैप Aajtak24 News

हरदा - जिले के ग्रामीण इलाकों में अब शहरों की तर्ज पर ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसफ ने ग्राम पंचायतों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे गांवों में कचरा प्रबंधन को लेकर गंभीरता से काम शुरू करें, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ बनाया जा सके और प्रदूषण व बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सके। बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक में चयनित ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकों को संबोधित करते हुए सीईओ ने कहा कि अब गांवों में भी नियमित डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके लिए पंचायतों को कचरा वाहन की व्यवस्था करने, नियमित रूट चार्ट बनाने और घर-घर से कचरा एकत्रित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि कचरे का केवल संग्रहण ही नहीं, बल्कि उसका पृथक्करण भी अनिवार्य रूप से किया जाए। बायोडिग्रेडेबल कचरे को नाडेप या कंपोस्ट पिट के माध्यम से निपटाने और प्लास्टिक अपशिष्ट को अलग संग्रहित कर नगरीय निकायों को सौंपने के निर्देश दिए गए। बैठक में ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए भी विशेष रणनीति बनाने को कहा गया। पंचायतों को निर्देशित किया गया कि माइकिंग, डोंडी पिटवाने, सूचना बोर्ड लगाने और दीवार लेखन जैसे माध्यमों से लोगों को सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही प्रत्येक घर और प्रतिष्ठान में दो डस्टबीन रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

सीईओ अंजली जोसफ ने साफ कहा कि स्वच्छता अभियान में सहयोग नहीं करने वाले लोगों और संस्थानों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही पंचायतों को स्वच्छता कर की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि बिना जनसहभागिता और आर्थिक अनुशासन के गांवों में स्थायी स्वच्छता व्यवस्था लागू नहीं हो सकती। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रथम चरण में जिले की 20 ग्राम पंचायतों को इस योजना में शामिल किया गया है। इनमें हरदा, खिरकिया और टिमरनी जनपद की पंचायतें शामिल हैं। आगामी चरण में जिले की अन्य ग्राम पंचायतों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत ग्राम पंचायतों को ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है और अब पंचायत स्तर पर इसे लागू करने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। 

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब अधिकांश ग्राम पंचायतें अभी मूलभूत सुविधाओं और बजट की कमी से जूझ रही हैं, तो क्या उनके पास नियमित कचरा संग्रहण और प्रबंधन चलाने के पर्याप्त संसाधन हैं?
  2. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता कर और जुर्माने की बात की जा रही है, लेकिन क्या प्रशासन पहले पंचायतों की जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा कि वसूला गया पैसा सही उपयोग में आए?
  3. गांवों में पहले से बने कई कचरा प्रबंधन केंद्र और कंपोस्ट यूनिट बंद या अनुपयोगी पड़े हैं, तो क्या इस नई योजना की निगरानी और स्वतंत्र ऑडिट की कोई व्यवस्था होगी?

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