कांकेर पुलिस का ‘प्रोजेक्ट दक्ष’… अब जवान बनेंगे हाई-टेक ड्राइविंग एक्सपर्ट Aajtak24 News

कांकेर पुलिस का ‘प्रोजेक्ट दक्ष’… अब जवान बनेंगे हाई-टेक ड्राइविंग एक्सपर्ट Aajtak24 News

कांकेर - पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और प्रोफेशनल बनाने की दिशा में कांकेर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा के निर्देशन में “प्रोजेक्ट दक्ष” के तहत पुलिस जवानों के लिए विशेष कौशल विकास और ड्राइविंग स्किल ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाया जा रहा है।इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जवानों को न केवल बेहतर ड्राइविंग कौशल प्रदान करना है, बल्कि उन्हें सड़क सुरक्षा, अनुशासन और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए सक्षम बनाना भी है।

पुलिस रक्षित केंद्र कांकेर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान जवानों को व्यावहारिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि ड्यूटी के दौरान वाहन संचालन अधिक सुरक्षित और जिम्मेदार हो सके।प्रशिक्षण में यातायात नियमों और मोटर व्हीकल एक्ट की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही सुरक्षित ड्राइविंग के महत्वपूर्ण पहलुओं जैसे ओवरटेकिंग के नियम, निर्धारित गति सीमा का पालन, सीट बेल्ट और हेलमेट का महत्व तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग से होने वाले खतरों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

जवानों को अलग-अलग परिस्थितियों में वाहन चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिसमें रात के समय ड्राइविंग, बारिश और घने कोहरे में सावधानीपूर्वक वाहन संचालन, सुरक्षित दूरी बनाए रखना और दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय शामिल हैं। इसके अलावा प्रशिक्षण में सड़क दुर्घटना की स्थिति में प्राथमिक उपचार, घायलों की मदद करने की प्रक्रिया और आपातकालीन सेवाओं को तुरंत सूचना देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी शामिल किया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह का प्रशिक्षण जवानों की कार्यकुशलता और अनुशासन को मजबूत करेगा, जिससे ड्यूटी के दौरान किसी भी स्थिति में बेहतर और सुरक्षित निर्णय लिए जा सकेंगे। कांकेर पुलिस की यह पहल आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जिससे न केवल पुलिस बल की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि आम जनता की सुरक्षा भी और अधिक मजबूत होगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. क्या अब तक पुलिस वाहन संचालन में दुर्घटनाओं या लापरवाही के मामले सामने आए हैं, जिनके चलते इस तरह के विशेष ड्राइविंग प्रशिक्षण की आवश्यकता महसूस हुई?
  2. क्या ‘प्रोजेक्ट दक्ष’ केवल ड्राइविंग प्रशिक्षण तक सीमित रहेगा, या पुलिसिंग के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे साइबर क्राइम, भीड़ नियंत्रण और जांच प्रक्रिया में भी विस्तार किया जाएगा?
  3. क्या इस प्रशिक्षण का कोई मापदंड तय किया गया है जिससे यह आंका जा सके कि जवानों की ड्राइविंग दक्षता और सड़क सुरक्षा व्यवहार में वास्तविक सुधार हुआ है या नहीं?

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