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| शाजापुर; “तौल में गड़बड़ी नहीं चलेगी, किसानों को मिलेगा पूरा हक—मैदान में उतरीं कलेक्टर, उपार्जन केंद्रों पर सख्ती Aajtak24 News |
शाजापुर - जिले में गेहूं उपार्जन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर ऋजु बाफना खुद मैदान में उतरकर उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत कलेक्टर ने राणोगंज, मउघाट, कालापीपल, नांदनी, ढाबलाधीर और बेहरावल सहित कई उपार्जन केंद्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वेयरहाउसों में गेहूं की तुलाई प्रक्रिया को अपने सामने जांचा और स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन के मापदंडों के अनुसार ही तौल की जाए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बारदानों की उपलब्धता, परिवहन व्यवस्था और भंडारण की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं। कलेक्टर ने यह भी कहा कि सभी केंद्र सुबह 8 बजे से नियमित रूप से खुलें और तौल प्रक्रिया में किसी तरह की देरी या लापरवाही न हो। उन्होंने अतिरिक्त हम्माल लगाकर गेहूं के तेजी से परिवहन और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
भुगतान को लेकर भी कलेक्टर ने सख्ती दिखाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों का भुगतान समय पर किया जाए और बिल पर्ची पर सील व हस्ताक्षर के साथ पूरी पारदर्शिता रखी जाए। गुणवत्ता जांच पर जोर देते हुए उन्होंने सर्वेयर को निर्देश दिए कि गेहूं को अनावश्यक रूप से रिजेक्ट न किया जाए और निर्धारित मानकों के अनुसार ही नॉन और FAQ गुणवत्ता की जांच की जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और भरोसा दिलाया कि उनकी पूरी उपज खरीदी जाएगी। इस मौके पर विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- हर साल उपार्जन केंद्रों पर तौल और भुगतान को लेकर शिकायतें आती हैं—इस बार जवाबदेही तय करने के लिए क्या ठोस तंत्र बनाया गया है?
- किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए क्या कोई तय समयसीमा और पेनल्टी सिस्टम लागू किया गया है?
- गुणवत्ता जांच के नाम पर कई बार फसल रिजेक्ट कर दी जाती है—क्या इस प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कोई स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था है?
