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| हरदा; गेहूँ खरीदी में ‘नो वेटिंग, नो गड़बड़ी’ का फरमान—कलेक्टर ने कसे पेंच, घाटों पर भी सुरक्षा अलर्ट Aajtak24 News |
हरदा - जिले में गेहूँ उपार्जन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने साफ कर दिया है कि सुव्यवस्थित गेहूँ खरीदी वर्तमान की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी उपार्जन केंद्रों पर पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें न लगें और गेहूँ की तुलाई व्यवस्थित तरीके से हो। साथ ही तौल कांटों की जांच और हम्मालों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि पटवारी और ग्राम पंचायत सचिव लगातार उपार्जन केंद्रों पर मौजूद रहें, जबकि जिला स्तर के अधिकारी भी नियमित रूप से निरीक्षण करें। बैठक में नर्मदा नदी के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि नावों में पर्याप्त लाइफ जैकेट होना अनिवार्य है और जो नाव संचालक सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करते, उनके संचालन पर तुरंत रोक लगाई जाए।
इसके अलावा जनगणना कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने मकानों की गणना जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत नदी घाटों पर डस्टबिन रखने और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति, विद्या आसन अभियान और संयुक्त कार्यालय भवन को आईएसओ प्रमाणन दिलाने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- हर साल गेहूँ उपार्जन में अव्यवस्थाओं की शिकायतें आती हैं—इस बार क्या कोई ठोस मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है जो जिम्मेदारी तय कर सके?
- किसानों को भुगतान में देरी एक बड़ी समस्या रहती है—क्या इस बार भुगतान समयसीमा तय कर उसे सार्वजनिक किया जाएगा?
- नर्मदा घाटों पर सुरक्षा को लेकर निर्देश तो दिए गए हैं, लेकिन क्या इनका पालन सुनिश्चित करने के लिए कोई नियमित जांच या दंडात्मक व्यवस्था भी तय की गई है?
