रीवा; विंध्य में 'नशे के साम्राज्य' पर नारायण त्रिपाठी का भीषण प्रहार: सेलिब्रिटीज से लेकर सिस्टम तक सब निशाने पर Aajtak24 News

रीवा; विंध्य में 'नशे के साम्राज्य' पर नारायण त्रिपाठी का भीषण प्रहार: सेलिब्रिटीज से लेकर सिस्टम तक सब निशाने पर Aajtak24 News

रीवा/मैहर -  विंध्य की धरा, जो कभी अपनी सांस्कृतिक विरासत, सफेद शेरों और बौद्धिक संपदा के लिए विश्व विख्यात थी, आज नशे के काले कारोबार की गिरफ्त में सिसक रही है। इस ज्वलंत मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने अब निर्णायक लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। त्रिपाठी ने न केवल प्रशासन की नाकामी को उजागर किया, बल्कि उन फिल्मी सितारों और क्रिकेट जगत के दिग्गजों को भी कटघरे में खड़ा किया है, जो विज्ञापन की आड़ में युवाओं को नशे की ओर धकेल रहे हैं।

'इलायची' के नाम पर 'स्लो पॉइजन' का कारोबार

पूर्व विधायक ने समाज के तथाकथित 'आइकॉन्स' पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जिन चेहरों को देश का युवा अपना आदर्श मानता है, वे ही सबसे बड़े अपराधी साबित हो रहे हैं। श्री त्रिपाठी ने कहा, "ये सेलिब्रिटी चंद करोड़ों के लालच में 'सरोगेट एडवरटाइजिंग' का सहारा लेकर इलायची के नाम पर गुटखा और पान मसाला बेच रहे हैं। यह सिर्फ विज्ञापन नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को परोसा जा रहा 'स्लो पॉइजन' (धीमा जहर) है। मुनाफे की इस अंधी हवस ने इन लोगों को इतना अंधा कर दिया है कि उन्हें मासूमों का उजड़ता भविष्य दिखाई नहीं दे रहा।"

रीवा: विकास की राह से भटककर बना 'नशा मंडी'

विंध्य के केंद्र बिंदु रीवा की वर्तमान स्थिति पर दुख व्यक्त करते हुए नारायण त्रिपाठी ने इसे 'नशे की थोक मंडी' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विंध्य क्षेत्र में कफ सिरप, स्मैक और अवैध नशीली गोलियों का जाल मकड़ी की तरह फैल चुका है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "पुलिस केवल उन लोगों को पकड़ती है जो नशे के आदि हैं या बहुत छोटे प्यादे हैं। असली सरगना, जो ट्रकों में भरकर जहर की सप्लाई कर रहे हैं, वे राजनैतिक संरक्षण और प्रशासनिक ढिलाई के कारण खुलेआम घूम रहे हैं। आखिर इन थोक व्यापारियों पर बुलडोजर कब चलेगा?"

बुद्धिजीवियों की चुप्पी और सरकार को चुनौती

त्रिपाठी ने समाज के बुद्धिजीवी वर्ग और सरकार के नीति-निर्धारकों से तीखा सवाल किया कि आखिर हम आने वाली नस्लों को विरासत में क्या देकर जाएंगे? उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस विषय पर राष्ट्रीय नीति बनाने और ऑनलाइन व ऑफलाइन नशीले विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर आज नहीं जागे, तो विंध्य की युवा शक्ति पूरी तरह खोखली हो जाएगी।

आगामी रणनीति: जन-आंदोलन से न्यायपालिका तक

नारायण त्रिपाठी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह विरोध केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने अपनी रणनीति के तीन मुख्य स्तंभ बताए हैं:

  1. कानूनी मोर्चा: वे जल्द ही इस विज्ञापन माफिया और नशे के कारोबार के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय (High Court) में जनहित याचिका दायर करेंगे।

  2. सड़क पर संघर्ष: विंध्य के हर जिले और तहसील स्तर पर युवाओं और महिलाओं को जोड़कर एक 'नशा मुक्त विंध्य' जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।

  3. सामाजिक बहिष्कार: उन्होंने जनता से अपील की है कि नशे का प्रचार करने वाले सितारों और उनके उत्पादों का सामाजिक बहिष्कार करें।

सोशल मीडिया पर नारायण त्रिपाठी का यह बयान एक चिंगारी की तरह फैल गया है। विंध्य की अस्मिता और युवा शक्ति को बचाने के लिए शुरू हुई यह 'जंग' अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक बदलाव का संकेत दे रही है। त्रिपाठी के इन तीखे तेवरों ने न केवल नशा माफियाओं में खौफ पैदा कर दिया है, बल्कि सरकार को भी अपनी प्राथमिकताएं तय करने पर मजबूर कर दिया है।



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