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| रीवा में ‘झोलाछाप इलाज’ पर बड़ा वार! फर्जी क्लीनिक सील, इंजेक्शन-दवाइयों का जखीरा जब्त Aajtak24 News |
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध चिकित्सा गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गंगेव ब्लॉक में संचालित मित्र डेंटल क्लीनिक और डॉ. प्रशांत तिवारी डेंटल क्लीनिक का भी निरीक्षण किया गया। यहां दस्तावेज वैध पाए गए, लेकिन मेडिकल बायोवेस्ट के सही निस्तारण में लापरवाही मिलने पर दोनों क्लीनिकों को अंतिम चेतावनी जारी की गई। सीएमएचओ ने साफ कहा कि बिना लाइसेंस और पंजीयन के स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। विभाग द्वारा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में संदिग्ध क्लीनिकों पर लगातार आकस्मिक छापामार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि मरीजों को सुरक्षित और प्रमाणित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे केवल पंजीकृत चिकित्सकों से ही इलाज कराएं और किसी भी संदिग्ध क्लीनिक की जानकारी तुरंत विभाग को दें। विभागीय टीम में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केबी गौतम, खंड चिकित्सा अधिकारी ऋतुराज पाठक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- यदि अवैध क्लीनिकों में लंबे समय से अप्रशिक्षित लोग मरीजों का इलाज कर रहे थे, तो क्या स्वास्थ्य विभाग की नियमित मॉनिटरिंग व्यवस्था पूरी तरह फेल नहीं मानी जाए?
- जिले में कितने झोलाछाप डॉक्टर और अवैध क्लीनिक अब तक चिन्हित किए गए हैं, और कितनों पर सिर्फ नोटिस नहीं बल्कि एफआईआर या गिरफ्तारी जैसी कठोर कार्रवाई हुई है?
- ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण लोग मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाते हैं, तो क्या प्रशासन इस समस्या की जिम्मेदारी खुद लेगा या सिर्फ छापेमारी कर कार्रवाई दिखाता रहेगा?
