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| रसोई में लापरवाही या जान से खिलवाड़? एक्सपायर्ड दूध और अखबारी कागज के इस्तेमाल ने खड़े किए सवाल” Aajtak24 News |
कवर्धा - जिले में “सही दवा – शुद्ध आहार – यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने कवर्धा, पंडरिया, पांडातराई और पोड़ी क्षेत्रों में होटल, रेस्टोरेंट और बेकरी प्रतिष्ठानों पर बीते तीन दिनों में औचक जांच अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने कई नामी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया, जहां साफ-सफाई से लेकर खाद्य सामग्री के भंडारण तक गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। कवर्धा शहर के रायपुर रोड स्थित एक प्रतिष्ठान में जांच के दौरान 20 एक्सपायर्ड दूध पैकेट पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया। इसके अलावा खाद्य सामग्री को ढकने में अखबारी कागज के उपयोग पर भी आपत्ति दर्ज की गई और तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अखबारी कागज में छपी रासायनिक स्याही स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती है, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह 56 भोग चौपाटी में एक्सपायर्ड मॉकटेल की कई बोतलें पाई गईं, जिन्हें नष्ट कर दिया गया और संबंधित संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए।
जांच के दौरान अन्य होटल एवं बेकरी संचालकों को साफ-सफाई, हाइजीन मानकों, ग्लब्स के उपयोग और खाद्य पंजीयन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए। खाद्य विभाग ने चेतावनी दी है कि बिना अनुज्ञप्ति संचालन, खराब खाद्य सामग्री का उपयोग और अस्वास्थ्यकर तरीके पाए जाने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जब बार-बार जांच के बावजूद एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिल रही है, तो क्या यह संकेत नहीं कि निगरानी व्यवस्था केवल औपचारिकता बनकर रह गई है?
- क्या विभाग यह सुनिश्चित कर पा रहा है कि केवल छापे के दिन ही नहीं, बल्कि रोजाना होटल-रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं?
- अखबारी कागज और एक्सपायर्ड सामग्री जैसे गंभीर उल्लंघन पर क्या सिर्फ निर्देश और नष्ट करने की कार्रवाई पर्याप्त है, या फिर जिम्मेदार संचालकों पर लाइसेंस रद्द जैसी सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए?
