| “बलौदाबाजार में ‘सड़क पर पुलिस का शिकंजा’—3 घंटे में 143 चालान, होटल-ढाबों तक चला सर्च ऑपरेशन” Aajtak24 News |
बलौदाबाजार - छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में कानून व्यवस्था और यातायात नियंत्रण को मजबूत करने के लिए बड़ा आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया गया। 03 मई 2026 की शाम 5 बजे से 8 बजे तक जिले के प्रमुख सड़क मार्गों, चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस ने नाकाबंदी कर सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी में वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई।
अभियान के दौरान पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 143 लोगों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई करते हुए 8,900 रुपये का समन शुल्क वसूला। नाकाबंदी के बाद पुलिस टीमों ने विजिबल पुलिसिंग के तहत पैदल पेट्रोलिंग की और बाजार क्षेत्रों, चौक-चौराहों, होटल, ढाबा तथा सड़क किनारे लगे ठेलों की भी आकस्मिक जांच की।
इस दौरान होटल और ढाबा संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि उनके प्रतिष्ठानों में किसी भी स्थिति में शराब का सेवन न होने दें। पुलिस ने चेतावनी दी कि नियम उल्लंघन की स्थिति में उपभोक्ता के साथ-साथ संचालकों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। भाटापारा शहर में शहर और ग्रामीण थाना प्रभारियों की संयुक्त टीम ने पूरे क्षेत्र में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल यातायात नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध शराब, मादक पदार्थों और संदिग्ध गतिविधियों पर भी निगरानी के लिए चलाया जा रहा है। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या हेल्पलाइन नंबर 94792 20392 पर दें।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- 3 घंटे के अभियान में केवल 8900 रुपये का समन शुल्क वसूल होना क्या यह दर्शाता है कि अभियान अधिकतर दिखावटी था या फिर नियम उल्लंघन की गंभीरता कम पाई गई?
- होटल-ढाबों में शराब सेवन रोकने की चेतावनी के बावजूद क्या ऐसे प्रतिष्ठानों पर नियमित मॉनिटरिंग और छापेमारी की कोई स्थायी व्यवस्था है?
- नाकाबंदी और विजिबल पुलिसिंग के बावजूद क्या जिले में अवैध गतिविधियों और संदिग्ध आवाजाही को रोकने के लिए तकनीकी निगरानी (CCTV/ड्रोन/डेटा ट्रैकिंग) पर्याप्त रूप से लागू है?