अनुपपुर में बाल विवाह की सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन, पुलिस के साथ पहुंची टीम Aajtak24 News

अनुपपुर में बाल विवाह की सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन, पुलिस के साथ पहुंची टीम Aajtak24 News

अनुपपुर - हर्षल पंचोली के निर्देशन में जिले में बाल विवाह रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में एक संभावित बाल विवाह को समय रहते रुकवा दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाइश दी, जिसके बाद परिवार ने विवाह स्थगित करने पर सहमति दे दी। जानकारी के अनुसार विकासखंड पुष्पराजगढ़ के राजेंद्रग्राम क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के विवाह की सूचना प्रशासन को मिली थी। सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायक संचालक मंजूषा शर्मा के नेतृत्व में विभागीय अमला और पुलिस टीम संबंधित परिवार के घर पहुंची।

टीम ने परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी और कम उम्र में विवाह होने से बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि बाल विवाह कराना कानूनन अपराध है और इसमें संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। लंबी काउंसलिंग और समझाइश के बाद परिवार ने प्रशासन की बात मानते हुए विवाह को तत्काल स्थगित कर दिया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई को क्षेत्र में बाल विवाह रोकथाम अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

कलेक्टर श्री पंचोली ने महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस के मैदानी अमले को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी नाबालिग का विवाह न हो सके। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या नजदीकी शासकीय कार्यालय को सूचना दें। प्रशासन का कहना है कि केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता भी बाल विवाह जैसी कुप्रथा को खत्म करने के लिए जरूरी है। यही वजह है कि विभाग अब गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने की तैयारी में जुटा है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जिले में लगातार निगरानी के दावे किए जाते हैं, फिर भी बाल विवाह की नौबत आखिर आती कैसे है? क्या गांव स्तर पर निगरानी तंत्र कमजोर है?
  2. प्रशासन ने विवाह रुकवा दिया, लेकिन क्या संबंधित परिवार और स्थानीय जिम्मेदार लोगों पर कोई कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी या मामला केवल समझाइश तक सीमित रहेगा?
  3. बाल विवाह रोकने के लिए पंचायत, आंगनवाड़ी और स्कूल स्तर पर जो नेटवर्क बनाया गया है, क्या उसकी जवाबदेही तय की जाएगी कि सूचना पहले क्यों नहीं मिली?

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