उमरिया; नकल पर नकेल या सिर्फ औपचारिकता? बोर्ड परीक्षा से पहले प्रशासन अलर्ट Aajtak24 News

नकल पर नकेल या सिर्फ औपचारिकता? बोर्ड परीक्षा से पहले प्रशासन अलर्ट Aajtak24 News

उमरिया - जिले में माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा आयोजित हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी द्वितीय परीक्षा-2026 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। परीक्षा की पवित्रता, गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने जिले के परीक्षा केंद्रों पर औचक निरीक्षण के लिए विशेष उड़नदस्ता दलों का गठन किया है। जानकारी के अनुसार जिले में 7 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाएं प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता, नकल या लापरवाही को रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गठित उड़नदस्ता दल परीक्षा केंद्रों का लगातार और सघन निरीक्षण करेंगे। प्रत्येक दल प्रमुख को परीक्षा तिथियों के दौरान अपने निर्धारित केंद्रों पर औचक निरीक्षण करने तथा परीक्षा संचालन की वास्तविक स्थिति पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। निरीक्षण के बाद प्रतिदिन शाम 4 बजे तक रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य किया गया है।

प्रशासन की ओर से यह भी निर्देश दिए गए हैं कि सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी (SDM) और तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। जिला शिक्षा अधिकारी को संपूर्ण परीक्षा व्यवस्था का प्रभारी बनाया गया है और उन्हें भी परीक्षा केंद्रों पर आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, बीते वर्षों में कई जिलों में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान नकल, पेपर लीक और व्यवस्थागत लापरवाही के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में इस बार प्रशासन किसी भी प्रकार की चूक नहीं चाहता। यही वजह है कि परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने के साथ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है।

प्रशासन का दावा है कि परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराया जाएगा, ताकि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो। वहीं दूसरी ओर अभिभावकों और छात्रों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि उड़नदस्ता दल सिर्फ औपचारिक निरीक्षण तक सीमित रहते हैं या वास्तव में परीक्षा केंद्रों पर सख्ती दिखाई जाती है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. हर साल बोर्ड परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक के आरोप सामने आते हैं, तो इस बार ऐसा क्या नया तंत्र बनाया गया है जिससे प्रशासन यह दावा कर सके कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष होगी?
  2. उड़नदस्ता दलों के गठन की घोषणा तो हर वर्ष होती है, लेकिन क्या कभी यह सार्वजनिक किया गया कि पिछले वर्षों में निरीक्षण के दौरान कितने केंद्रों पर कार्रवाई हुई और कितने अधिकारी जिम्मेदार पाए गए?
  3. यदि किसी परीक्षा केंद्र पर नकल या लापरवाही पकड़ी जाती है, तो क्या केवल केंद्राध्यक्ष पर कार्रवाई होगी या संबंधित प्रशासनिक निरीक्षण दल की जवाबदेही भी तय की जाएगी?

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