खरगोन; ब्रिज के नीचे चल रहा था गौतस्करी का खेल! पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ी दो पिकअप, 6 गौवंश मुक्त Aajtak24 News

ब्रिज के नीचे चल रहा था गौतस्करी का खेल! पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ी दो पिकअप, 6 गौवंश मुक्त Aajtak24 News

खरगोन - जिले में अवैध गौवंश तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में 6 गौवंशों को मुक्त कराया है। थाना सनावद पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर दो पिकअप वाहन भी जब्त किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध गौवंश परिवहन करने वाले नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार पुलिस महानिरीक्षक इंदौर ग्रामीण श्री अनुराग एवं डीआईजी निमाड़ रेंज श्री सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देश पर जिलेभर में अवैध गौवंश तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक रविंद्र वर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शकुन्तला रुहल के मार्गदर्शन में थाना सनावद पुलिस ने यह कार्रवाई की।

पहली कार्रवाई 4 मई 2026 को उस समय हुई जब थाना प्रभारी धर्मेन्द्र यादव को मुखबिर से सूचना मिली कि निर्माणाधीन ब्रिज के नीचे खरगोन रोड की ओर से एक पिकअप वाहन में क्रूरतापूर्वक गौवंश भरकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर वाहन क्रमांक MP10G2427 को रोका। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 3 गौवंश ठूंस-ठूंस कर भरे मिले। पुलिस ने वाहन में सवार दो आरोपियों दशरिया और नासरिया को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों परिवहन संबंधी कोई वैध दस्तावेज या अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया।

इसी दिन दूसरी कार्रवाई ढकलगांव स्थित निर्माणाधीन ब्रिज के पास वाहन चेकिंग के दौरान हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक अन्य पिकअप वाहन MP46G1552 में भी अवैध रूप से गौवंश परिवहन किया जा रहा है। पुलिस ने तत्काल वाहन को रोककर जांच की तो उसमें भी 3 गौवंश क्रूरतापूर्वक भरे मिले। वाहन चालक पप्पा निवासी सिरवेल भगवानपुरा से दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध अनुमति नहीं दिखा सका। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर वाहन सहित गौवंश जब्त कर लिए।

दोनों कार्रवाइयों में पुलिस ने कुल 6 गौवंशों को मुक्त कराया है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख रुपये बताई जा रही है। वहीं जब्त दो पिकअप वाहनों की कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध गौवंश तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि पकड़े गए आरोपी किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. लगातार हो रही गौवंश तस्करी की घटनाएं क्या यह संकेत नहीं देतीं कि जिले में संगठित तस्करी नेटवर्क सक्रिय है और स्थानीय स्तर पर कहीं न कहीं संरक्षण भी मिल रहा है?
  2. जिन रास्तों से बार-बार अवैध गौवंश परिवहन हो रहा है, वहां पहले से स्थायी निगरानी या चेकिंग व्यवस्था क्यों नहीं बनाई गई?
  3. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन क्या इस मामले में यह भी जांच होगी कि गौवंश आखिर कहां ले जाए जा रहे थे और इनके पीछे कौन लोग आर्थिक रूप से जुड़े हुए हैं?


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