झाबुआ जनसुनवाई में मानवता की मिसाल: दिव्यांग हितग्राही को मौके पर मिली इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल Aajtak24 News

झाबुआ जनसुनवाई में मानवता की मिसाल: दिव्यांग हितग्राही को मौके पर मिली इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल Aajtak24 News

झाबुआ - जिले की साप्ताहिक जनसुनवाई में मंगलवार को एक संवेदनशील और राहत भरा मामला सामने आया, जिसमें प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक दिव्यांग हितग्राही को इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई। ग्राम कुडवास, तहसील पेटलावद निवासी श्री रामचन्द्र पिता भावा मैडा, जो 60 प्रतिशत दिव्यांग हैं, ने जनसुनवाई में आवेदन देकर बताया कि उन्हें चलने-फिरने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे दैनिक जीवन के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आवागमन के लिए सहायता की मांग की थी।

कलेक्टर का त्वरित निर्णय

कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश पर सामाजिक न्याय विभाग ने हितग्राही को बैटरी संचालित इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई। यह कार्रवाई जनसुनवाई के दौरान ही तेजी से पूरी की गई, जिससे यह उदाहरण सामने आया कि प्रशासनिक स्तर पर त्वरित निर्णय से जरूरतमंदों को वास्तविक राहत मिल सकती है।

हितग्राही के चेहरे पर खुशी

ट्राइसाइकिल प्राप्त करने के बाद श्री रामचन्द्र ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें:

  • आवागमन में सुविधा मिलेगी
  • दैनिक कार्य आसान हो जाएंगे
  • आत्मनिर्भरता बढ़ेगी

उन्होंने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

प्रशासन का संदेश

कलेक्टर डॉ. भरसट ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल घोषणा नहीं, बल्कि जरूरतमंदों तक समय पर वास्तविक सहायता पहुंचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांगजनों को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. क्या दिव्यांगजनों को ऐसी जरूरी सहायता के लिए भी जनसुनवाई तक आना पड़ता है, या यह योजना स्तर पर पहले से स्वतः उपलब्ध होनी चाहिए?
  2. अगर एक ट्राइसाइकिल तुरंत दी जा सकती है, तो क्या अन्य लंबित दिव्यांग मामलों में भी इतनी ही तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी?
  3. क्या विभागों के पास पहले से लाभार्थियों की सूची होने के बावजूद कई लोग अब तक ऐसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित क्यों रह जाते हैं?

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