जशपुर; गुलेल के पत्थर से भड़का खून का खेल: शादी से लौटते बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या Aajtak24 News

गुलेल के पत्थर से भड़का खून का खेल: शादी से लौटते बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या Aajtak24 News

जशपुर - जिले के गम्हरिया गांव में बुजुर्ग की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 75 वर्षीय बलराम उरांव की हत्या कोई सुनियोजित साजिश नहीं, बल्कि गुस्से में उठाया गया खौफनाक कदम निकला।30 अप्रैल 2026 को थाना जशपुर में सूचना मिली थी कि अघोर आश्रम के पास खेत में एक बुजुर्ग का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर विशेष टीम गठित की गई।

जांच के दौरान मुखबिर की सूचना और ग्रामीणों के बयान के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्धों—अरविंद कुजूर (40) और सुखनाथ बड़ा (50)—को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ में दोनों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि 29 अप्रैल की रात वे गम्हरिया में एक शादी समारोह से लौट रहे थे, जहां मृतक बलराम उरांव भी मौजूद था। खाना खाने के बाद जब सभी गांव की ओर लौट रहे थे, तभी रास्ते में बलराम उरांव ने कथित तौर पर गुलेल से पत्थर मारना शुरू कर दिया। इस हरकत से नाराज होकर दोनों आरोपी पास में रखी सरई लकड़ी की फाड़ी लेकर आए और ताबड़तोड़ हमला कर बुजुर्ग की हत्या कर दी। इसके बाद शव को सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए।

पुलिस ने 2 मई 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस पूरे मामले में थाना प्रभारी और साइबर सेल की टीम की अहम भूमिका रही।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल

  1. क्या पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि मृतक द्वारा गुलेल से हमला वास्तव में हुआ था, या यह आरोपियों की बचाव की कहानी हो सकती है?
  2. घटना स्थल पर सुरक्षा या निगरानी के क्या इंतजाम थे, और क्या भविष्य में ऐसे संवेदनशील ग्रामीण इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने की कोई योजना है?
  3. क्या इस मामले में केवल दो आरोपियों की ही भूमिका है, या जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता की संभावना से भी इंकार किया जा सकता है?


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