| सुकमा के डोडपाल में बदली जिंदगी, दिल्ली से पहुंचे अफसर ने परखी ‘पानी की असली हकीकत Aajtak24 News |
सुकमा - जिले के दूरस्थ ग्राम डोडपाल में अब पानी के लिए जद्दोजहद बीते दिनों की बात हो गई है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल से पानी पहुंचाने की योजना ने ग्रामीणों की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला दिया है। रविवार को इस बदलाव की जमीनी हकीकत जानने केंद्र सरकार के अतिरिक्त सचिव और मिशन संचालक कमल किशोर सोन खुद डोडपाल पहुंचे। उन्होंने गांव में निर्मित पानी टंकी और जल वितरण व्यवस्था का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सरपंच श्रीमती बिज्जो वेट्टी से चर्चा कर गांव में पहले पानी की स्थिति और अब हुए सुधार की जानकारी ली। सरपंच ने बताया कि पहले ग्रामीणों को पेयजल के लिए हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब हर घर तक साफ पानी पहुंच रहा है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। अधिकारी ने योजना के संचालन, पाइपलाइन व्यवस्था और पानी की गुणवत्ता जांच प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विशेष रूप से बारिश के मौसम में नियमित जल परीक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि हर हाल में सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही ग्रामीणों को पानी बचाने और बेवजह खर्च रोकने के लिए भी जागरूक किया।
इस मौके पर कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण ने भी ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय निर्माण जैसी योजनाओं की जानकारी दी। पंचायत भवन की मांग पर अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने ग्रामीणों को सुशासन तिहार के तहत आवेदन देने के लिए प्रेरित किया, वहीं एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गांव के कोटवार को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- क्या जल जीवन मिशन के तहत बनी इस योजना की दीर्घकालिक रखरखाव व्यवस्था सुनिश्चित है, या कुछ समय बाद यह भी बंद पड़ी योजनाओं की तरह हो सकती है?
- पानी की गुणवत्ता जांच कितनी पारदर्शी और नियमित है, और क्या इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की कोई व्यवस्था है?
- जिले के अन्य दूरस्थ गांवों में अभी भी पानी की समस्या बनी हुई है—तो क्या वहां भी इसी तरह की योजनाओं को तेज़ी से लागू करने का कोई स्पष्ट रोडमैप है?